इंदौर के रावजी बाजार इलाके में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक कबाड़ी पुराने सिलेंडर की कटिंग कर रहा था और इसी दौरान गैस रिसाव शुरू हो गया। बाजार क्षेत्र घना होने के कारण आसपास मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि सिलेंडर कबाड़ के रूप में रखा था और उसे काटने के दौरान यह स्थिति बनी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत एहतियात बरतना शुरू किया। बाजार में मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने सुरक्षित दूरी बनाने की कोशिश की। इलाके में कुछ समय तक सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।
कटिंग के दौरान हुआ रिसाव, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बढ़ी चिंता
रावजी बाजार इंदौर का व्यस्त कारोबारी इलाका माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में गैस रिसाव की सूचना मिलते ही स्थिति संवेदनशील हो जाती है। जानकारी के अनुसार रिसाव की शुरुआत सिलेंडर को काटने की प्रक्रिया के दौरान हुई। यह भी सामने आया कि सिलेंडर पुराना था और कबाड़ के तौर पर उसके साथ काम किया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर लोगों ने मौके से दूरी बनाई और आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया। भीड़भाड़ वाले बाजारों में ऐसी घटनाएं तेजी से चिंता बढ़ाती हैं, क्योंकि छोटी चूक से बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।
पुराने सिलेंडर से छेड़छाड़ पर सुरक्षा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि कबाड़ में आए गैस सिलेंडरों के निपटान और कटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना हो रहा है। पुराने या खाली दिखने वाले सिलेंडर में भी अवशिष्ट गैस बची रह सकती है। ऐसे में बिना तकनीकी जांच के कटिंग करना जोखिम भरा माना जाता है।
विशेषज्ञ लगातार सलाह देते रहे हैं कि सिलेंडर को काटने या तोड़ने से पहले उसे पूरी तरह निष्क्रिय और सुरक्षित घोषित किया जाना चाहिए। स्थानीय बाजारों में छोटे स्तर पर होने वाले कबाड़ काम में यह सावधानी कई बार नजरअंदाज हो जाती है।
घटना के बाद बाजार में चर्चा, सतर्कता की मांग
रावजी बाजार की इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और निवासियों के बीच सुरक्षा उपायों को लेकर चर्चा तेज हुई। लोगों का कहना है कि घने बाजार क्षेत्रों में ज्वलनशील या दबावयुक्त वस्तुओं की कटिंग खुले तौर पर नहीं होनी चाहिए। इससे अचानक हादसों की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक घटना की वजह पुराने सिलेंडर की कटिंग के दौरान हुआ गैस रिसाव है। प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जांच और जिम्मेदारी तय होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि शहरी बाजारों में कबाड़ प्रबंधन, सिलेंडर हैंडलिंग और स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल को ज्यादा सख्ती से लागू करने की जरूरत है, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में जोखिम घटाया जा सके।