इंदौर में स्कूल वाहनों की निगरानी को लेकर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान में अलग-अलग स्कूलों की बसों को रोककर परमिट, फिटनेस और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान जिन बसों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।
आरटीओ की टीम ने स्पष्ट किया कि स्कूल बसों का संचालन केवल वैध कागजों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ ही किया जा सकता है। परमिट संबंधी कमी, दस्तावेजों में अनियमितता या नियमों की अनदेखी मिलने पर तत्काल जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नियमित प्रवर्तन का हिस्सा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
इंदौर में स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में ताजा जांच में भी बस संचालकों को नियमों के पालन के निर्देश दिए गए। विभाग ने कहा कि स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक दोनों की जिम्मेदारी तय है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
किन बिंदुओं पर रहा फोकस
जांच के दौरान बसों के वैधानिक संचालन से जुड़े दस्तावेजों पर जोर रहा। टीम ने यह देखा कि वाहन निर्धारित अनुमति के तहत चल रहे हैं या नहीं। जिन मामलों में परमिट नियमों का उल्लंघन मिला, वहां मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल दंड नहीं, बल्कि अनुपालन सुनिश्चित करना है ताकि स्कूल रूट पर चलने वाले वाहन कानूनी और सुरक्षित स्थिति में रहें।
विभागीय स्तर पर यह भी रेखांकित किया गया कि स्कूल समय में चलने वाले वाहनों का दबाव अधिक रहता है, इसलिए तकनीकी और कागजी दोनों तरह की जांच जरूरी है। इसी वजह से चेकिंग में दस्तावेज सत्यापन के साथ मौके पर अनुपालन की समीक्षा भी की गई।
स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को संदेश
आरटीओ ने स्कूल प्रबंधन, कॉन्ट्रैक्ट ऑपरेटर और बस मालिकों से कहा है कि वे सभी वैधानिक औपचारिकताएं समय पर पूरी रखें। परमिट, फिटनेस या संचालन अनुमति में किसी भी तरह की चूक सीधे कार्रवाई की वजह बन सकती है। विभाग ने यह भी संकेत दिया कि एक बार की जांच के बाद मामला खत्म नहीं माना जाएगा, बल्कि निरंतर निरीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में नियमों का पालन सामान्य व्यावसायिक परिवहन से भी ज्यादा संवेदनशील विषय है। इसलिए ऐसी बसों की जांच को प्राथमिकता श्रेणी में रखा जा रहा है। विभागीय प्रवर्तन टीमों को निर्देश है कि स्कूल बस संचालन के मामलों में दस्तावेजों की वैधता और मार्ग-आधारित अनुमति की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नियमित अभियान की तैयारी
आरटीओ से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इंदौर में आगे भी इसी तरह के जांच अभियान चलेंगे। कार्रवाई का दायरा केवल एक दिन या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जहां भी स्कूली वाहन नियमों से हटकर चलते मिलेंगे, वहां मौके पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस तरह की जांच से दो स्तर पर असर होता है। पहला, दस्तावेजों और परमिट का अनुपालन बढ़ता है। दूसरा, स्कूल बस संचालन में जवाबदेही तय होती है। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे निरीक्षण को औपचारिकता न मानें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों का दैनिक आवागमन बिना जोखिम और बिना कानूनी बाधा के हो सके।
इंदौर में चलाया गया यह अभियान इसी संदेश के साथ आगे बढ़ाया गया कि स्कूल बस सेवा में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई होगी। आरटीओ का रुख साफ है कि सुरक्षा और वैधानिक अनुपालन, दोनों पर समान रूप से सख्ती जारी रहेगी।