इंदौर में संभावित गर्मी की मांग को देखते हुए नगर निगम ने जल आपूर्ति व्यवस्था की तैयारी तेज कर दी है। गुरुवार तड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुसखेड़ी स्थित जल वितरण प्रणाली के स्काडा सेंटर का निरीक्षण किया और शहर की मौजूदा सप्लाई स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू और नगर निगम के अपर आयुक्त आशीष पाठक भी मौजूद रहे।
महापौर ने स्काडा प्लेटफॉर्म पर शहर की सभी पानी की टंकियों और उनसे जुड़े वितरण नेटवर्क को रियल-टाइम में परखा। उन्होंने अधिकारियों से उपलब्ध कुल जल मात्रा, वितरण क्षमता और विभिन्न जोनों में सप्लाई की स्थिति पर रिपोर्ट ली। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि गर्मियों में किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए तैयारी अभी से पूरी की जाए।
नगर निगम के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में तकनीकी निगरानी, लीकेज नियंत्रण और वितरण संतुलन को एक साथ मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। महापौर ने कहा कि निगरानी प्रणाली का उपयोग केवल डेटा देखने तक सीमित न रहे, बल्कि हर तकनीकी संकेत पर तुरंत कार्रवाई हो ताकि सप्लाई लॉस कम हो और पानी अंतिम उपभोक्ता तक नियमित पहुंचे।
दो दिवसीय शटडाउन के बाद सप्लाई में 10 MLD बढ़ोतरी
निरीक्षण के दौरान महापौर ने हाल में किए गए सुधार कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पानी की पाइपलाइन में लीकेज ठीक करने के लिए दो दिवसीय शटडाउन लिया गया था। इस हस्तक्षेप के बाद शहर को मिलने वाली जल आपूर्ति में 10 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) की वृद्धि दर्ज की गई है।
“दो दिवसीय शटडाउन लेकर पाइपलाइन लीकेज को सुधारा गया है। इससे शहर को 10 MLD अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हुआ है।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर
नगर निगम का मानना है कि लीकेज नियंत्रण से केवल मात्रा नहीं बढ़ती, बल्कि वितरण का दबाव भी संतुलित होता है। इससे उन इलाकों को भी राहत मिलती है जहां पहले अंतिम छोर पर सप्लाई कमजोर रहती थी। इसी वजह से स्काडा आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर की मरम्मत को एक साथ जोड़ा जा रहा है।
एक माह में दूसरे चरण से और 10 MLD जुड़ने की संभावना
महापौर ने बताया कि मरम्मत का एक और चरण प्रगति पर है, जिसके करीब एक माह में पूरा होने की संभावना है। यह कार्य पूरा होने के बाद जल आपूर्ति क्षमता में 10 MLD की अतिरिक्त वृद्धि होगी। इस तरह हालिया 10 MLD के साथ कुल 20 MLD पानी की अतिरिक्त उपलब्धता का लक्ष्य रखा गया है, जिसे गर्मियों के दौरान शहर की सप्लाई को स्थिर रखने में उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को पूरा होने में अभी समय लगेगा, लेकिन वर्तमान क्षमता में ही शहर को अधिकतम पानी उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम जारी है। इसके लिए एक तरफ संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है।
समीक्षा बैठक के अंत में महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। लीकेज मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाए, रियल-टाइम अलर्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया हो, और स्काडा सेंटर की टीम गर्मियों के पूरे दौर में उच्च सतर्कता के साथ काम करे। नगर निगम का फोकस फिलहाल यही है कि बढ़ती मांग के बीच सप्लाई नियमित रहे और नागरिकों को पानी के मोर्चे पर राहत मिले।