Indore News: इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रतीकात्मक आंदोलन के दौरान कथित पथराव को लेकर विवाद बढ़ गया है।
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर पथराव कराने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे प्रकरण की विस्तृत पुलिस जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय के अंदर मौजूद लोगों ने पत्थर, ईंट, ब्लॉक टाइल्स और पानी की बोतलों का इस्तेमाल किया।
सुमित मिश्रा ने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से तनावपूर्ण माहौल बनाया गया। भाजपा के मुताबिक, घटना में पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। मिश्रा ने इसे इंदौर की शांति और लोकतांत्रिक माहौल के लिए गंभीर बताया।
“पत्थरबाजों का समर्थन करने वाली कांग्रेस अब खुद पत्थरबाजी पर उतर आई है। इंदौर की घटना में पत्थर, ईंट, ब्लॉक टाइल्स और बोतलें पहले से एकत्रित किए जाने की जांच होनी चाहिए।” — सुमित मिश्रा, नगर अध्यक्ष, भाजपा
दिल्ली के प्रदर्शन से जोड़ते हुए भाजपा का आरोप
भाजपा नगर अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि नई दिल्ली में इंटरनेशनल एआई समिट के दौरान भी कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का विरोध करते-करते कांग्रेस ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला रुख अपनाया। उनके मुताबिक, इंदौर की घटना उसी राजनीतिक रुख का विस्तार है।
मिश्रा ने कहा कि इंदौर को लंबे समय से शांति का शहर माना जाता है और यहां किसी भी तरह की हिंसक राजनीति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में कार्यालय परिसर में सामग्री जमा की गई और फिर भाजपा कार्यकर्ताओं पर फेंकी गई। भाजपा ने इसे सुनियोजित कृत्य बताया है।
भाजपा की मांग: सामग्री की फोरेंसिक व पुलिस जांच हो
भाजपा ने प्रशासन से मांग की है कि घटना स्थल और कांग्रेस कार्यालय परिसर में मौजूद सामग्री का परीक्षण कराया जाए। पार्टी का कहना है कि पथराव में इस्तेमाल वस्तुओं की उपलब्धता और मात्रा की जांच से घटना का क्रम स्पष्ट होगा। भाजपा ने सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
सुमित मिश्रा ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने भाजपा की महिला नेत्रियों की ओर अमर्यादित इशारे किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण की भी अलग से जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा ने इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था और राजनीतिक आचरण, दोनों से जुड़ा बताया है।
भाजपा ने अपने बयान में यह आशंका भी जताई कि पूरे मामले में बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। पार्टी ने कहा कि पुलिस को यह देखना चाहिए कि पथराव की तैयारी किस स्तर पर और किन लोगों के माध्यम से की गई। इसके साथ ही, भाजपा ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
इस घटनाक्रम के बाद इंदौर की स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। फिलहाल भाजपा ने इसे गंभीर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मामला बताते हुए त्वरित जांच की मांग दोहराई है। अब आगे की स्थिति पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।