इंदौर के करदाताओं का कमाल: नगर निगम ने वसूला ₹1086 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व, पिछले साल से ₹155 करोड़ ज्यादा की कमाई

Indore News: स्वच्छता के क्षेत्र में देश का मान बढ़ाने वाले इंदौर के नागरिकों ने अब जिम्मेदारी से कर भुगतान (Tax Payment) करने में भी नई मिसाल पेश की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर इंदौर नगर निगम ने राजस्व संग्रहण के अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वर्ष निगम के खजाने में 1086.92 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है।
पिछली बार की तुलना में भारी बढ़ोतरी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने साझा किया कि यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की तुलना में कहीं अधिक है। पिछले वर्ष निगम को ₹932 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष इसमें 155 करोड़ रुपये का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शहर के विकास और निगम की कार्यप्रणाली पर नागरिकों का विश्वास बढ़ा है।
किन मदों से हुई सबसे ज्यादा कमाई?
निगम को यह ऐतिहासिक आय विभिन्न करों और शुल्कों के माध्यम से प्राप्त हुई है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
  • संपत्तिकर (Property Tax) और जलकर
  • बिल्क वॉटर शुल्क और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) शुल्क
  • बिल्डिंग परमिशन और कॉलोनी सेल
  • मार्केट एवं लायसेंस शुल्क
महापौर और आयुक्त ने जताया आभार
इस सफलता पर महापौर और निगमायुक्त ने इंदौर के जागरूक नागरिकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर के नागरिक न केवल सफाई में नंबर-1 हैं, बल्कि समय पर टैक्स भरकर शहर की वित्तीय सुदृढ़ता और विकास कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। करदाताओं के इसी सक्रिय सहयोग से इंदौर को और अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।