‘पायलट सिटी’ के रूप में विकसित होगा इंदौर: कलेक्टर और ADB विशेषज्ञों की हुई अहम बैठक

Indore News: इंदौर अब शहरी विकास के एक नए युग की ओर कदम बढ़ा रहा है। एशियन विकास बैंक (ADB) के सहयोग से इंदौर को ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) कार्यक्रम के अंतर्गत ‘पायलट सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी सिलसिले में आज कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एडीबी के विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

क्या है TOD और इंदौर के लिए इसके मायने?

बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि TOD कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर मेट्रो और बस रैपिड ट्रांजिट (BRT) स्टेशनों के आसपास सघन और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

  • समन्वित विकास: स्टेशनों के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं को इस तरह विकसित किया जाएगा कि लोगों को आवाजाही के लिए निजी वाहनों पर निर्भर न रहना पड़े।

  • बेहतर यातायात: इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।

भारत सरकार और ADB का तकनीकी सहयोग

भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने इस विशेष कार्यक्रम के लिए इंदौर का चयन किया है। इस परियोजना के लिए भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) और एशियन विकास बैंक के बीच समझौता हुआ है। एडीबी की तकनीकी टीम इंदौर के नगर निगम, प्राधिकरण (IDA), मेट्रो रेल और नगर एवं ग्राम निवेश (T&CP) विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर रही है।

अधिकारियों को समन्वय के निर्देश

बैठक में एडीबी की टीम ने परियोजना के क्रियान्वयन की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर एक प्रभावी ‘मास्टर प्लान’ तैयार करें, ताकि मेट्रो कॉरिडोर के आसपास की जमीनों का अनुकूलतम उपयोग हो सके।

इस बैठक में मेट्रो कॉरिडोर के आसपास की बुनियादी संरचना, भूमि उपयोग की नीतियों और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की गई।