इंदौर को जून तक मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति: कलेक्टर ने चार फ्लाईओवर्स का काम समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

Indore News :  इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से स्थाई राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज शहर के चार महत्वपूर्ण निर्माणाधीन फ्लाईओवर्स का जमीनी निरीक्षण किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किए बिना, आगामी जून 2026 तक इन सभी प्रोजेक्ट्स को पूर्ण कर लिया जाए।

इन चार प्रमुख चौराहों पर चल रहा है काम
कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ देवास नाका, सत्य साईं चौराहा, मूसाखेड़ी और क्रिस्टल आईटीआई पार्क चौराहा का दौरा किया। ये चारों स्थान शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार हैं, जहाँ फ्लाईओवर बनने के बाद यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और एमपीआरडीसी सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
बाधाएं होंगी दूर, निर्माण में आएगी तेजी
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि प्रोजेक्ट्स में कुछ छोटी बाधाएं जैसे अतिक्रमण और वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था के कारण देरी हो रही थी। कलेक्टर ने मौके पर ही इन समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “मुख्य बाधाएं छोटे रिमूवल से जुड़ी हैं। इन पर निर्णय ले लिए गए हैं और जैसे ही ये संरचनाएं हटेंगी, निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा।”

नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि: धूल और ट्रैफिक पर सख्ती
निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए कलेक्टर ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
  • ट्रैफिक मैनेजमेंट: निर्माणाधीन स्थलों पर ट्रैफिक गार्ड्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि वाहनों की आवाजाही न रुके।
  • सड़क सुधार: सर्विस लेन पर तत्काल पैच रिपेयरिंग और डामरीकरण किया जाए ताकि वाहन चालक परेशान न हों।
  • प्रदूषण नियंत्रण: धूल को उड़ने से रोकने के लिए नेटिंग (जाली) लगाने और नियमित पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं।
  • सुरक्षा व प्रकाश: रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सर्विस रोड पर पर्याप्त लाइटिंग और मूसाखेड़ी जैसे क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने को कहा गया है।
नियमित होगी समीक्षा
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वीकार किया कि कुछ कार्य वर्तमान में अपनी तय समय-सीमा से पीछे चल रहे हैं, लेकिन अब प्रशासन की प्रतिबद्धता इसे गति देने की है। उन्होंने कहा कि अब से हर सप्ताह कार्यों की प्रगति की निगरानी की जाएगी ताकि जून की डेडलाइन को हर हाल में हासिल किया जा सके।
इंदौर की बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ये फ्लाईओवर्स मील का पत्थर साबित होंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि मानसून से पहले शहरवासियों को सुगम सफर का उपहार मिल जाएगा।