इंदौर किन्नर विवाद: गवाही रोकने के लिए जान से मारने की धमकी! सनम भास्कर पर FIR दर्ज

Indore News: इंदौर में किन्नरों के दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग अब पुलिस थानों और अदालती गवाहियों तक पहुँच गई है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि शहर के लसूडिया थाने में ‘सनम भास्कर’ और उसके पति राहुल के खिलाफ डराने-धमकाने और गवाही से रोकने का मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, आरोपी पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए खुद की जान को खतरा बताया है।
क्या है ताजा विवाद?
नंदलालपुरा क्षेत्र की निवासी सुमैला उर्फ शिमला (गुरु पायल कुंवर) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी साथी नेहा कुंवर के साथ सेक्टर-बी, लसूडिया क्षेत्र में ‘बधाई’ मांगने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान सनम भास्कर और उसके पति राहुल ने उन्हें घेर लिया।
शिकायत के अनुसार, सनम ने कोर्ट में चल रहे पुराने विवादों और अपने गुरु सपना हाजी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। सुमैला का दावा है कि राहुल ने उसे चेतावनी दी कि यदि उसने सपना हाजी, राजा हासमी, सोनम और अजय दास के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी, तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
सनम भास्कर का पलटवार: ‘पुलिस ने नहीं सुनी गुहार’
मामले में आरोपी बनाई गई सनम भास्कर ने इन आरोपों को निराधार बताया है। सनम का दावा है कि:
  • उसने घटना वाले दिन सुबह ही लसूडिया टीआई तारेश सोनी को फोन कर अपनी जान को खतरा बताया था।
  • उसका कहना है कि दो दर्जन से अधिक किन्नर उसे मारने के लिए ढूंढ रहे थे, जिसकी रिकॉर्डिंग उसने सोशल मीडिया पर भी साझा की है।
  • सनम का आरोप है कि वह डीसीपी कुमार प्रतीक के कार्यालय के बाहर घंटों बैठी रही, जहाँ उसे निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला था, लेकिन शाम होते ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
पुरानी रंजिश और पुलिस की भूमिका
इंदौर में किन्नरों के बीच यह विवाद नया नहीं है। करीब तीन महीने पहले भी सनम ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने बताया था कि वह स्वतंत्र रूप से ट्रेनों और बसों में ‘नेग’ मांगकर गुजारा करती है, लेकिन पायल गुट के लोग उसे परेशान कर रहे हैं।
विवाद के मुख्य बिंदु:
| पक्ष | मुख्य आरोप |
| पायल गुट (सुमैला) | गवाही न देने के लिए जान से मारने की धमकी दी गई। |
| सनम गुट | पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बावजूद सुरक्षा नहीं मिली; झूठा केस दर्ज हुआ। |
गौरतलब है कि पांच दिन पहले ही दो साल पुराने एक मामले में लापरवाही बरतने पर पंढरीनाथ टीआई अजय राजौरिया पर भी गाज गिरी थी, जो इसी गुटबाजी से जुड़ा मामला था। फिलहाल, लसूडिया पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों की सत्यता जांची जा रही है।