इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर: 28 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण! 650 किसान होंगे प्रभावित

Indore News :  इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाले 48 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। परियोजना के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके तहत इंदौर जिले के 20 गांवों की करीब 175.393 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे 650 किसान सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

प्रशासन ने इस संबंध में धारा-19 का प्रकाशन कर दिया है, जिसमें अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों का पूरा विवरण, उनके मालिकों के नाम और रकबे की जानकारी सार्वजनिक की गई है। यह कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के बीच एक नया और तेज रफ्तार मार्ग प्रशस्त करेगा।

दो तहसीलों की जमीनें होंगी अधिग्रहित

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में इंदौर जिले की दो तहसीलें- सांवेर और हातोद शामिल हैं। सांवेर तहसील के 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर निजी और सिंचित भूमि अधिग्रहित होगी। वहीं, हातोद तहसील के 255 किसानों की करीब 75.401 हेक्टेयर जमीन इस कॉरिडोर के दायरे में आ रही है। इसके अलावा उज्जैन जिले के भी आठ गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान

ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के बन जाने से इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। यह मार्ग यात्रियों को एक अतिरिक्त और बेहतर विकल्प देगा। विशेष रूप से इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को इससे बड़ी सहूलियत मिलेगी। माना जा रहा है कि बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन ने की पुष्टि

सांवेर के एसडीएम घनश्याम धनगर ने प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए बताया कि योजना के लिए धारा-19 का प्रकाशन हो चुका है।

“ग्रीन फील्ड कॉरिडोर योजना के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें किसानों के नाम और योजना में आ रही भूमि की जानकारी सार्वजनिक की गई है।” — घनश्याम धनगर, एसडीएम, सांवेर

सर्वे के बाद तय होगा मुआवजा

धारा-19 के प्रकाशन के बाद अब राजस्व विभाग प्रभावित भूमि का सर्वे करेगा। सर्वे में जमीन की प्रकृति, सिंचाई की उपलब्धता और क्षेत्र के औसत गाइडलाइन मूल्य को आधार बनाकर मुआवजा राशि तय की जाएगी। पूरी प्रक्रिया के बाद मुआवजा राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा।