माघ माह की शुरुआत के साथ बढ़ी ठंड, जनवरी में सर्द हवाओं का असर रहेगा बरकरार

इंदौर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की शुरुआत के साथ ही शहर में ठंड का असर तेज हो गया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था, लेकिन अब सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी का महीना कड़ाके की ठंड वाला रहने वाला है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं का सीधा असर मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र, विशेषकर इंदौर पर पड़ रहा है। दिन के समय धूप खिलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण लोगों को सर्दी का अहसास हो रहा है, जबकि रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

जनवरी में जारी रहेगा शीतलहर का प्रकोप

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के शेष दिनों में भी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। सर्द हवाओं का दौर जारी रहेगा और न्यूनतम तापमान में और कमी आ सकती है। सुबह और शाम के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की भी संभावना जताई गई है, जिससे दृश्यता (visibility) प्रभावित हो सकती है।

माघ का महत्व और बदलता मौसम

भारतीय परंपरा में माघ महीने को अत्यधिक ठंड का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद भी वातावरण में शीतलता बनी रहती है। इंदौर में भी इस पारंपरिक मान्यता के अनुरूप मौसम करवट ले रहा है। शहरवासियों को गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के आधार पर मौसम में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।