इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों में देरी को लेकर राजनीति गरमा गई है। यहां युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में पहुंचकर एक सरकारी नोटशीट का पोस्टर छपवाकर प्रदर्शित किया और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
युवा कांग्रेस का दावा है कि क्षेत्र में पानी की समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। आरोप है कि इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को करीब 144 दिनों तक जानबूझकर रोका गया। प्रदर्शनकारियों ने उस नोटशीट को सार्वजनिक किया, जिसके कारण कथित तौर पर यह देरी हुई।
नोटशीट पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान जो पोस्टर दिखाए गए, उनमें एक आधिकारिक नोटशीट की प्रतिलिपि थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह नोटशीट साल 2022 की है। हालांकि, इस पर महापौर के हस्ताक्षर फरवरी 2023 में किए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि हस्ताक्षर में हुई इस देरी के कारण ही पाइपलाइन का काम समय पर शुरू नहीं हो सका।
जनता के बीच पहुंचे कार्यकर्ता
भागीरथपुरा की गलियों में पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह पोस्टर आम जनता को दिखाए। उनका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को यह बताना था कि प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की और जल्द से जल्द काम शुरू करने की मांग की।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस प्रदर्शन के बाद स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे प्रशासन और महापौर की विफलता बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पाइपलाइन प्रोजेक्ट में देरी से स्थानीय रहवासियों को हो रही परेशानियों को मुद्दा बनाकर विपक्ष अब आक्रामक रुख अपना रहा है।