Indore News : इंदौर शहर का भागीरथपुरा क्षेत्र इस वक्त एक भीषण जलजनित त्रासदी के केंद्र में है। दूषित पानी पीने से अब तक 200 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। बुधवार तक मौतों का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है। हालाकि आधिकारिक तौर पर प्रशासन ने अभी 4 मौतों की ही पुष्टि की है। हर मौत की कहानी हृदयविदारक है, लेकिन उमा कोरी की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
एक बेबस पति और दम तोड़ती व्यवस्था
फर्नीचर की दुकान में काम करने वाले बिहारी कोरी की पत्नी उमा को रविवार रात उल्टियां और लूज मोशन शुरू हुए। पति रात भर उन्हें संभालता रहा, लेकिन सुबह तक हालत बिगड़ गई। कोई एम्बुलेंस या मदद न मिलने पर मजबूर पति, भाई की बाइक पर उमा को लेटाकर 7 किमी दूर अरबिंदो अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक उमा की सांसें थम चुकी थीं। यह घटना शहर की स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं पर बड़े सवाल खड़े करती है।
एक्शन में सीएम: अस्पताल पहुंचे मोहन यादव
मामले की गंभीरता और बढ़ते सियासी पारे को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कमान संभाली है। बुधवार शाम वे भागीरथपुरा पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सीएम ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों का हाल जाना और साफ किया कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हमलावर है।
निगम प्रशासन में बड़ा बदलाव
कल हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने क्षेत्र का दौरा कर फीडबैक लिया। बैठक में योग्य अधिकारियों की कमी का मुद्दा उठा था, जिसके बाद आज इंदौर नगर निगम को तीन नए अधिकारी मिलने जा रहे हैं।
निशाने पर जिम्मेदार: नर्मदा प्रोजेक्ट के प्रभारी संजीव श्रीवास्तव की कार्यशैली और लंबे समय से एक ही पद पर जमे रहना चर्चा में है।
शिकायतों का अंबार: अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया के व्यवहार और फोन न उठाने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया है।
प्रशासन अब पाइपलाइनों की जांच और क्षेत्र में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।