इंदौर के 9वें स्वच्छता खिताब का सफर शुरू, शहर में घूम रही है सर्वें टीम

इंदौर : केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ के तहत शहर की सफाई का विस्तृत जमीनी मूल्यांकन और समीक्षा शुरू कर दी गई है। इसके अंतर्गत इंदौर आई केंद्रीय टीम, शहर के सार्वजनिक स्थानों, डंपिंग साइटों, और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का भौतिक सत्यापन कर नागरिकों से सीधा फीडबैक ले रही हैं। सफाई सर्वें के लिए दिल्ली से 6 अधिकारियों की टीम 31 मई सर्वे करेंगी। ताज़ा अपडेट यह है की विगत दो दिनों में सर्वे टीम ने शहर के 13 वार्डो का सर्वें कर लिया है। इंदौर में स्वच्छ सर्वेक्षण के 12500 अंकों में से 10,500 अंकों का असेसमेंट कराना है,क्योंकि गारबेज फ्री सिटी (GFC) एवं वाटर प्लस के अंतर्गत निर्धारित 2000 अंक पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप इंदौर को पूर्व में प्राप्त हो चुके हैं। उधर इंदौर के साथ-साथ स्वच्छ शहर जोड़ी पहल अंतर्गत नगर परिषद देपालपुर का सफाई सर्वें ख़त्म हो चूका है। सर्वे का कार्य 7 दिनों तक चला। इस दौरान केंद्र से आए दो अधिकारियों की टीम ने सात दिनों में सभी 15 वार्डो की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का भौतिक सत्यापन कर नागरिकों से सीधे फीडबैक लिए।
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सेंट्रलाइज्ड असेसमेंट
टीम ने शहर के 13
वार्डो में पूरा किया सर्वे
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 अंतर्गत इंदौर नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में सेंट्रलाइज्ड असेसमेंट टीम द्वारा विगत दो दिनों से मैदानी निरीक्षण एवं मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है। अधिकृत जानकारी अनुसार विगत दो दिनों में केंद्रीय टीम शहर के 85 में से अभी तक नगर निगम के 13 वार्डों के विभिन्न स्थलों पर भ्रमण कर स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और इस दौरान फोटो भी लिए। टीम द्वारा मुख्य रूप से कुएं, बावड़ियां, शासकीय एवं निजी स्कूल, आवासीय क्षेत्र, सार्वजनिक स्थल, सीटी/पीटी (सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय), यूरिनल, बाजार क्षेत्र, पर्यटन स्थल, ब्यूटीफिकेशन प्वाइंट, मॉन्यूमेंट्स, वेस्ट टू आर्ट इंस्टॉलेशन, पार्क एवं गार्डन, फाउंटेन तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर जानकारी संकलित की जा रही है।
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सर्वे टीम का ओपन
डेफिकेशन और ओपन
यूरिनेशन पर फोकस
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इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में विशेष रूप से ओपन डेफिकेशन (खुले में शौच), ओपन यूरिनेशन (खुले में मूत्र त्याग) तथा सार्वजनिक स्थलों जैसे पर्यटन क्षेत्रों, बाजारों एवं उच्च जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों पर विशेष फोकस रखा गया है। निरीक्षण दल द्वारा इन स्थानों पर स्वच्छता की वास्तविक स्थिति, नागरिक व्यवहार, सुविधाओं की उपलब्धता एवं रखरखाव का मूल्यांकन किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत इस वर्ष इंदौर नगर निगम का मुख्य असेसमेंट स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए किया जाएगा, जबकि GFC (Garbage Free City) एवं Water Plus के अंतर्गत निर्धारित 2000 अंक पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप इंदौर को पूर्व में प्राप्त हो चुके हैं। इसी आधार पर इस वर्ष इंदौर को स्वच्छ सर्वेक्षण के 10,500 अंकों का असेसमेंट कराना है, जिसके आधार पर कुल 12,500 अंकों में इंदौर का मूल्यांकन किया जाएगा।
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दो दिनों में पूरा हुआ
देपालपुर का सर्वे
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आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार इंदौर का स्वच्छता साथी देपालपुर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 अंतर्गत मूल्यांकन कार्य पूरा हो चूका है। मूल्यांकन करने के लिए दिल्ली से दो सदस्यीय दल ने इस कार्य को अंजाम दिया । सर्वेक्षण दल ने सभी 15 वार्डों में पहुँच कर सफाई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और डॉक्यूमेंटस के आधार पर मौके पर पहुंचकर फोटो लिए। इस दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नागरिकों से सफाई के बारे में चर्चा भी की। देपालपुर में भी 10,500 अंकों के आधार पर स्वच्छ सर्वेक्षण असेसमेंट किया गया है।
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सफाई के लिए पुरे
साल इंदौर से होती रही
देपालपुर की मॉनिटरिंग
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इंदौर के साथ-साथ स्वच्छ शहर जोड़ी पहल अंतर्गत नगर परिषद देपालपुर इस वर्ष इंदौर का स्वच्छता साथी शहर है। इंदौर नगर निगम में देपालपुर को स्वच्छ बनाने में काफी मदद की। महापौर और निगम आयुक्त से लेकर अन्य अफसर लगातार देपालपुर का दौरा करके सफाई व्यवस्था देखते रहे। इंदौर नगर निगम में देपालपुर को स्वच्छ बनाने में करोड रुपए के उपकरण उपलब्ध कराये तथा इंदौर से देपालपुर की लगातार मॉनिटरिंग होती रही। अब इंदौर एवं देपालपुर में आगामी चरण के अंतर्गत GFC एवं Water Plus मूल्यांकन टीमों के आगमन की प्रतीक्षा है, जिसके उपरांत शेष मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

*विपिन नीमा*