Indore News: इंदौर शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले पश्चिमी क्षेत्र के निवासियों और वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) और नगर निगम (IMC) ने मिलकर क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। शहर के दो प्रमुख जंक्शनों— बड़ा गणपति और चंदन नगर चौराहा— पर जल्द ही फ्लाईओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण शुरू होने जा रहा है।
महज 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में बनने वाले ये दोनों ब्रिज न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेंगे, बल्कि धार रोड और राजबाड़ा की ओर आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों का समय भी बचाएंगे।
बड़ा गणपति: शहर का पहला ‘थ्री-लेन’ ब्रिज
बड़ा गणपति चौराहे पर बनने वाला फ्लाईओवर कई मायनों में खास होगा। यह इंदौर का पहला थ्री-लेन (तीन लेन) फ्लाईओवर होगा, जिसकी चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है।
लागत और अनुबंध: इस प्रोजेक्ट की अनुबंध राशि लगभग 23.38 करोड़ रुपये है और इसका काम मेसर्स आईसीसी इंफ्रा प्रोजेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।
तकनीकी विवरण: ब्रिज की कुल लंबाई 543 मीटर होगी। इसमें जिंसी चौराहे की ओर 144 मीटर और खालसा कॉलेज की ओर 122 मीटर का ठोस पहुंच मार्ग (RE Wall) बनाया जाएगा।
चुनौतीपूर्ण शिफ्टिंग: ब्रिज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन के नीचे बिछी पुरानी पाइपलाइनें हैं। रडार सर्वे में पाया गया कि यहाँ 1400 MM की सीवर लाइन और नर्मदा की 750 MM की ग्रेविटी मेन लाइन गुजर रही है। इन लाइनों को शिफ्ट करने के लिए IDA नगर निगम को 12 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा।
चंदन नगर: निगम संभालेगा कमान, सर्वे हुआ पूरा
चंदन नगर चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए नगर निगम लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण करेगा।
तैयारी: इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक सर्वे का काम इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा पूरा कर लिया गया है।
अगला कदम: IDA ने अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर अब निगम जल प्रदाय और ड्रेनेज विभाग के साथ समन्वय कर पाइपलाइन शिफ्टिंग की योजना बना रहा है। जल्द ही इस ब्रिज के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जमीन के नीचे का ‘जाल’ बनेगा चुनौती
दोनों ही ब्रिज के निर्माण से पहले जमीन के नीचे बिछी बुनियादी सुविधाओं (Utilities) को हटाना एक जटिल प्रक्रिया होगी। बड़ा गणपति पर नर्मदा, ड्रेनेज और स्टॉर्म वॉटर की तीन प्रमुख लाइनें शिफ्ट होनी हैं।
नगर निगम ने सीवर लाइन शिफ्टिंग के लिए 10.58 करोड़ और नर्मदा लाइन के लिए 1.36 करोड़ रुपये की मांग की थी।
IDA ने पहली किस्त के रूप में 2.50 करोड़ रुपये निगम को जारी कर दिए हैं, ताकि काम में देरी न हो।
विफल हुए प्रयोग, अब ब्रिज ही एकमात्र विकल्प
गौरतलब है कि चंदन नगर और बड़ा गणपति इंदौर के उन चौराहों में शामिल हैं जहाँ सुबह से रात तक ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। पूर्व में ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने यहाँ ‘लेफ्ट टर्न’ चौड़ा करने और ‘सिग्नल टाइमिंग’ बदलने जैसे कई प्रयोग किए, लेकिन बढ़ती वाहनों की संख्या के आगे ये सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फ्लाईओवर के बनने के बाद पश्चिमी इंदौर की सूरत बदल जाएगी और वर्षों पुरानी जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।