रविवार को निकलेगी इंदौरी गेर, छतों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, 4 किमी मार्ग पर प्रशासन अलर्ट

इंदौर की परंपरागत गेर इस बार खास होने जा रही है, क्योंकि आयोजन रविवार को पड़ रहा है। आमतौर पर प्रशासन स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करता है, लेकिन इस बार रविवार होने के कारण अलग से छुट्टी की आवश्यकता नहीं पड़ी। छुट्टी के दिन होने से शहर के साथ-साथ बाहरी जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हर साल की तुलना में इस बार भीड़ और अधिक रहने का अनुमान है, जिससे आयोजन की रौनक कई गुना बढ़ सकती है।

छतों से गेर देखने का खास इंतजाम, ऑनलाइन बुकिंग शुरू

गेर मार्ग पर शीतला माता बाजार से गौराकुंड और खजूरी मार्केट तक आने वाली करीब आठ छतों को दर्शकों के लिए तैयार किया जा रहा है। इन स्थानों पर लगभग 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि इन छतों की बुकिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म BookMyShow के जरिए की जा रही है। इससे लोग पहले से अपनी जगह सुरक्षित कर सकेंगे और सुरक्षित तरीके से गेर का आनंद ले पाएंगे। हर साल कई परिवार और मित्र समूह इन छतों पर छोटी-छोटी पार्टियां आयोजित करते हैं, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो जाता है।

बाहर से आने वाले मेहमानों से बढ़ेगी चहल-पहल

इंदौर की गेर केवल स्थानीय आयोजन नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से लोगों को आकर्षित करने वाला सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है। इंदौरी परिवार अपने रिश्तेदारों और मित्रों को खासतौर पर इस आयोजन के लिए आमंत्रित करते हैं। इस बार भी रविवार का अवसर होने से बाहरी मेहमानों की संख्या अधिक रहने की संभावना है, जिससे शहर के बाजार, होटल और परिवहन सेवाओं में भी हलचल बढ़ेगी।

महापौर की अनुपस्थिति, फिर भी व्यवस्थाओं पर फोकस

हाल के कुछ दुखद घटनाक्रमों, जिनमें भागीरथपुरा जलकांड भी शामिल है, के चलते महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस बार गेर में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। हालांकि, वे आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

प्रशासनिक तैयारियां और मार्ग का निरीक्षण

आयुक्त क्षितिज सिंघल ने संबंधित जोनल अधिकारियों के साथ करीब 4 किलोमीटर लंबे गेर मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई, सुरक्षा, बैरिकेडिंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य है कि भीड़ अधिक होने के बावजूद व्यवस्था सुचारु रहे और श्रद्धालुओं व दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इंदौर की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव

गेर केवल रंगों का जुलूस नहीं, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। रविवार के कारण बढ़ती भीड़ और ऑनलाइन बुकिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ इस बार का आयोजन पारंपरिक और आधुनिकता का संगम साबित हो सकता है। शहर पूरी तरह तैयार है कि वह इस ऐतिहासिक आयोजन को पहले से भी अधिक भव्य और सुरक्षित रूप में प्रस्तुत करे।