ईरान-इजराइल तनाव और हमलों की खबरों के बीच घरेलू सराफा बाजार में सोना-चांदी फिर तेज हो गए हैं। ग्वालियर के कारोबारियों के अनुसार प्योर सोना एक ही दौर में 10,500 रुपये प्रति दस ग्राम चढ़कर करीब 1.71 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया। जेवराती सोना भी बढ़त के साथ करीब 1.59 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
चांदी में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। स्थानीय बाजार में यह करीब 10,000 रुपये प्रति किलो मजबूत होकर 2.82 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंची। कारोबारियों ने यह भी बताया कि कुछ ट्रेडिंग चरणों में तेजी और बढ़ने से चांदी का भाव 3,20,000 रुपये प्रति किलो के आसपास भी देखा गया। बाजार में भाव तय करने में एमसीएक्स के रुझान का असर प्रमुख माना जा रहा है।
युद्ध तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई
बाजार जानकारों का कहना है कि बीते दो दिनों में निवेशकों का रुख बदला है। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों की खबरों के बाद अनिश्चितता बढ़ी। साथ ही तेहरान की जवाबी कार्रवाई से जुड़े संकेतों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सतर्कता बढ़ा दी। ऐसे माहौल में निवेशक सोना और चांदी को सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी बढ़ाते हैं, जिसका सीधा असर स्पॉट और रिटेल भाव पर दिखता है।
कारोबारी संगठनों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच हमले और बढ़ते हैं तो धातुओं में तेजी जारी रह सकती है। मांग, वैश्विक संकेत और रुपये-डॉलर की चाल तीनों फैक्टर अगले सत्रों में कीमत तय करेंगे।
ग्वालियर सराफा बाजार का संकेत
सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार को प्रभावित किया है।
“युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है।” — पुरुषोत्तम जैन
कारोबारियों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,080 रुपये के स्तर के आसपास दर्ज हुआ। बाजार में यह रेट प्रति दस ग्राम के हिसाब से कोट होता है और अलग-अलग सेगमेंट में टैक्स, मेकिंग व शुद्धता के आधार पर अंतर दिख सकता है।
तेजी के बावजूद ऑल टाइम हाई से नीचे
मौजूदा उछाल के बाद भी सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं। सराफा कारोबार के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सोने का रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1,84,500 रुपये प्रति दस ग्राम था। इसी दिन चांदी 4,05,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंची थी।
तुलना करें तो मौजूदा स्तरों पर चांदी अब भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1.23 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती है। यही वजह है कि तेजी के बावजूद बाजार में दो तरह का रुझान दिख रहा है। एक तरफ सुरक्षित निवेश की खरीद है, दूसरी तरफ ऊंचे दाम पर नई ज्वेलरी खरीद में सतर्कता बनी हुई है।
आने वाले सत्रों में नजर तीन बिंदुओं पर रहेगी। पहला, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या ठहरता है। दूसरा, एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार का दिशा संकेत। तीसरा, स्थानीय रिटेल मांग की वास्तविक स्थिति। फिलहाल इतना साफ है कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सोना-चांदी की कीमतें तुरंत प्रतिक्रिया दे रही हैं और ट्रेडरों की पोजिशनिंग भी उसी हिसाब से बदल रही है।