Delhi News: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में आज बड़ी हलचल देखी गई। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों के बीच खलबली मच गई है।
कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट
आज यानी 13 मार्च को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,748 गिरकर ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। कल (12 मार्च) तक सोना ₹1.60 लाख के स्तर पर बना हुआ था। सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। एक किलो चांदी ₹8,350 सस्ती होकर ₹2.60 लाख पर पहुंच गई है, जो पिछले शुक्रवार को ₹2.68 लाख के करीब थी।
ऑल टाइम हाई से भारी फिसलन
साल 2026 की शुरुआत से ही सोने-चांदी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (All Time High) पर थे। लेकिन तब से लेकर अब तक:
सोना अपने पीक से करीब ₹17,566 सस्ता हो चुका है।
चांदी ने 44 दिनों के भीतर ₹1.26 लाख की भारी गिरावट देखी है।
क्यों गिर रहे हैं दाम? 3 प्रमुख कारण
कैश की ओर निवेशकों का रुझान: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे जोखिम भरे समय में निवेशक सोने में निवेश करने के बजाय ‘कैश’ (नकद) हाथ में रखना सुरक्षित मान रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च की बैठक में दरें नहीं घटेंगी, जिससे डॉलर मजबूत हो रहा है और सोने की मांग घट रही है।
शेयर बाजार और तेल का दबाव: युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली हो रही है। इस आर्थिक दबाव का सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ रहा है।
शहरों में कीमतों का अंतर क्यों?
अक्सर देखा जाता है कि अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होते हैं। इसके पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा: आयात केंद्रों से दूरी और सुरक्षा खर्च के कारण स्थानीय दामों में अंतर आता है।
क्षेत्रीय मांग: दक्षिण भारत में खपत ज्यादा होने के कारण वहां के ज्वेलर्स को थोक खरीद पर छूट मिलती है, जिसका लाभ ग्राहकों को कम कीमत के रूप में मिलता है।
लोकल एसोसिएशन: स्थानीय ज्वेलरी संगठन मांग और आपूर्ति के आधार पर दैनिक रेट तय करते हैं।
एक्सपर्ट की राय: अभी निवेश से बचें
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, लोग शेयर बाजार में हुए घाटे की भरपाई के लिए सोने-चांदी में ‘प्रॉफिट बुकिंग’ (मुनाफा वसूली) कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यह गिरावट अभी थमने वाली नहीं है। आने वाले समय में सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.50 लाख तक गिर सकती है। इसलिए, नए निवेशकों को फिलहाल बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।