इजराइल-ईरान जंग: 4 दिन में इंडियन एयरलाइंस की 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल, भारत ने बनाया स्पेशल कंट्रोल रूम

New Delhi/ Tehran: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। वहीं, युद्ध के गहराते संकट को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
ईरान में सत्ता परिवर्तन: ऑनलाइन हुई वोटिंग
बीती 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में अली खामेनेई की मौत के पांचवें दिन ईरान की ‘एक्सपर्ट्स असेंबली’ ने यह बड़ा फैसला लिया। सुरक्षा कारणों से 88 मौलवियों वाली इस असेंबली ने कोई औपचारिक सभा करने के बजाय ऑनलाइन वोटिंग के जरिए मुजतबा खामेनेई के नाम पर मुहर लगाई।

मुजतबा अपने पिता की तरह ही इस्लामिक मामलों के जानकार और कट्टरपंथी विचारधारा के माने जाते हैं। इससे पहले 2009 के विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से कुचलने के दौरान वे वैश्विक स्तर पर चर्चा में आए थे।
भारत सरकार का एक्शन: स्पेशल कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन
युद्ध की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक स्पेशल कंट्रोल रूम स्थापित किया है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
  • भारतीयों की घर वापसी: जेद्दा और दुबई जैसे शहरों से भारतीय नागरिक लगातार स्वदेश लौट रहे हैं। अहमदाबाद, दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट पर लैंड करने वाले यात्रियों ने वतन वापसी पर राहत की सांस ली।
  • होर्मुज रूट पर संकट: ईरान द्वारा समुद्र का सबसे अहम रास्ता ‘होर्मुज रूट’ बंद किए जाने से भारतीय झंडे वाले 37 जहाज फंस गए हैं, जिनमें 1,109 नाविक सवार हैं।
विमानन सेवा ठप: 1,117 उड़ानें रद्द
युद्ध की आग ने हवाई रास्तों को भी झुलसा दिया है। पिछले 4 दिनों में भारतीय एयरलाइंस की 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की गई हैं। मध्य पूर्व के 8 देशों ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे हजारों यात्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
पाकिस्तान में भारी हिंसा: 34 की मौत
खामेनेई की मौत की खबर के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी हालात बेकाबू हो गए हैं। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) पर हमले की कोशिश की। इस्लामाबाद के डिप्लोमैटिक क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़प में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई और 120 से अधिक घायल हैं।
निष्कर्ष: मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, भारत की प्राथमिकता समुद्र और आसमान में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना है।