जबलपुर। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार व्यापक तैयारी की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी केंद्राध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रहे।
कलेक्टर डॉ. सौरभ कुमार सुमन ने अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट किया कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित केंद्रों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस बार किसी भी पेपर लीक या परीक्षा रद्दीकरण जैसी स्थिति को दोहराने नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, और बाहरी लोगों की प्रवेश पर रोक जैसे उपाय अनिवार्य किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और नोडल अधिकारियों को प्रत्येक परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सख्ती के साथ मॉनिटरिंग
शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि प्रत्येक केंद्र से लाइव निगरानी की जाएगी। यदि किसी केंद्र से अनियमितता की सूचना मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा जो परीक्षा अवधि के दौरान शिकायतें प्राप्त करेगा।
तिवारी ने कहा कि इस बार परीक्षार्थियों की पहचान और सीटिंग अरेंजमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति परीक्षा में शामिल न हो सके।
पुराने मामले की पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष जबलपुर जिले में कक्षा 10वीं की गणित परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद कई परीक्षा केंद्रों की परीक्षा रद्द की गई थी। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग को विपक्ष और अभिभावकों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ा था। उसी अनुभव से सीख लेकर इस वर्ष अधिक निगरानी और तकनीकी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी भी परिस्थिति में परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता को क्षति नहीं पहुंचने दी जाएगी।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश
सभी विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचे और अपने साथ केवल आवश्यक लेखन सामग्री ही रखें। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, नोट्स या किसी प्रकार के कागज को केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
अभिभावकों से भी प्रशासन ने अपील की है कि वे अपने बच्चों को ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें और किसी भी सोशल मीडिया अफवाह से दूर रहें।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत हेल्पलाइन या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी जा सकती है।
रणनीति के अनुसार, इस बार परीक्षा में ‘फ्लाइंग स्क्वॉड’ की तैनाती की गई है, जो अचानक निरीक्षण कर नकल के प्रयासों को रोकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि सख्ती का उद्देश्य विद्यार्थियों को भयभीत करना नहीं बल्कि निष्पक्ष परीक्षा माहौल सुनिश्चित करना है।
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि सभी स्कूल और परीक्षा केंद्र सहयोग करेंगे ताकि जिले का रिजल्ट इस बार बिना किसी विवाद के प्रकाशित हो सके।