मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वारंट की तामीली सुनिश्चित की जाए।
जानकारी के मुताबिक, जीतू पटवारी इस मामले में कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हो रहे थे। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अब पुलिस ने वारंट तामील कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था। आरोप है कि जीतू पटवारी और उनके समर्थकों ने बिना अनुमति के प्रदर्शन किया था। इसे आदर्श आचार संहिता और धारा 144 का उल्लंघन माना गया था। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया था।
मामले की सुनवाई भोपाल की विशेष अदालत में चल रही है। पिछली कई तारीखों पर आरोपी पक्ष की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसी को आधार बनाते हुए जज ने जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
पुलिस की कार्रवाई और अगला कदम
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की एक टीम जीतू पटवारी के निवास और संभावित ठिकानों पर संपर्क कर रही है। कानूनन, जमानती वारंट होने के कारण उन्हें कोर्ट में हाजिर होकर जमानत मुचलका भरना होगा। यदि वे अगली तारीख पर भी पेश नहीं होते हैं, तो कोर्ट गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकता है।
राजनीतिक मामलों में अक्सर नेताओं के खिलाफ ऐसे प्रकरण दर्ज होते हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट का गठन ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए ही किया गया है। फिलहाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को जल्द ही न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा।