Singapore : असम के चहेते सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर चल रहे विवादों और अटकलों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। सिंगापुर पुलिस ने करीब पांच महीने की लंबी जांच के बाद कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें किसी भी प्रकार की साजिश या हत्या की बात से साफ इनकार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 52 वर्षीय जुबीन की मौत अत्यधिक नशे की हालत में डूबने के कारण हुई थी।
हादसे के वक्त नशे में थे जुबीन
19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में एक यॉट पार्टी के दौरान हुए इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। ‘चैनल न्यूज एशिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 35 गवाहों के बयानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। चश्मदीदों ने बताया कि उस दिन जुबीन ने भारी मात्रा में शराब पी रखी थी। जब वे डाइविंग के लिए पानी में उतरने लगे, तो उन्होंने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए लाइफ जैकेट पहनने से भी मना कर दिया था। यही लापरवाही उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
राजनीतिक मोड़ और SIT की जांच
जुबीन की मौत के बाद असम में भारी आक्रोश देखा गया था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को विधानसभा में इसे ‘पूर्व नियोजित हत्या’ करार दिया था। सीएम के कड़े रुख के बाद भारत में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि, सिंगापुर पुलिस की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय जांच एजेंसियों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
संगीत जगत का एक विशाल अध्याय खत्म
तिनसुकिया में जन्मे जुबीन गर्ग केवल एक गायक नहीं, बल्कि असमिया संस्कृति की पहचान थे। उन्होंने 40 से अधिक भाषाओं में 38,000 से ज्यादा गाने गाकर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। वे असम के सबसे महंगे और प्रभावशाली कलाकार माने जाते थे।
परिवार पर पहले भी टूटा था दुखों का पहाड़
जुबीन का जीवन संघर्षों और त्रासदियों से भरा रहा। 23 साल पहले, 12 जनवरी 2002 को उनकी छोटी बहन जोंगकी बारठाकुर की भी एक कार हादसे में मौत हो गई थी। संयोग ऐसा था कि जुबीन भी उसी कार में थे, लेकिन हादसे से कुछ मिनट पहले ही वह दूसरी कार में शिफ्ट हो गए थे। अब जुबीन की इस तरह विदाई ने उनके करोड़ों प्रशंसकों को गमगीन कर दिया है।