कैलाश विजयवर्गीय ने दिया राजनीतिक संन्यास का संकेत, सीएम मोहन यादव से मुलाकात पर चर्चा

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में राजनीतिक संन्यास का संकेत दिया है। उनके इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इसके तुरंत बाद उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात ने अटकलों को और हवा दे दी है।

क्या बोले विजयवर्गीय?

कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान में राजनीतिक संन्यास लेने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि उनके इस बयान को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा तेज हो गई।

विजयवर्गीय भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। इंदौर से उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। ऐसे में उनके संन्यास के बयान ने कई सवाल खड़े किए हैं।

सीएम मोहन यादव से मुलाकात

विजयवर्गीय के बयान के बाद उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात हुई। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि दोनों नेताओं के बीच किस विषय पर बातचीत हुई, इसका आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

सूत्रों के अनुसार मुलाकात के दौरान पार्टी संगठन और मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व विजयवर्गीय को सक्रिय राजनीति में बनाए रखना चाहता है।

मध्य प्रदेश की राजनीति पर असर

कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश की भाजपा राजनीति के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उनका राजनीतिक करियर कई दशकों पुराना है। इंदौर में उनकी गहरी पैठ है और संगठन में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

ऐसे में उनके संन्यास के बयान से पार्टी के भीतर नेतृत्व बदलाव की अटकलें लगने लगी हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान रणनीतिक हो सकता है। वहीं कुछ का कहना है कि विजयवर्गीय वाकई सक्रिय राजनीति से अलग होना चाहते हैं।

पार्टी का रुख

भाजपा के नेतृत्व ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान विजयवर्गीय की नाराजगी से अवगत है। उन्हें मनाने के लिए पार्टी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी विजयवर्गीय के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ आगामी चुनावों में लेना चाहती है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विजयवर्गीय अपने संन्यास के बयान पर कायम रहेंगे या नहीं। सीएम मोहन यादव से मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वे अपना फैसला बदल सकते हैं।

मध्य प्रदेश की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और दिलचस्प हो सकता है। पार्टी के भीतर की गतिविधियों पर सबकी नजर बनी हुई है। राजनीतिक पर्यवेक्षक इस पूरे मामले को ध्यान से देख रहे हैं।