शिव श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज

उत्तराखंड के चारधाम यात्रा को लेकर भक्तों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट इस साल 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। हरिद्वार से यह जानकारी सामने आई है। भोलेनाथ के लाखों भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

कब और कैसे होगा कपाट उद्घाटन

केदारनाथ धाम के कपाट हर साल अक्षय तृतीया के आसपास खोले जाते हैं। इस बार 22 अप्रैल की तिथि तय की गई है। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का सीजन आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगा। मंदिर समिति और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

यात्रा की तैयारियां जोरों पर

केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु गौरीकुंड से पैदल यात्रा करते हैं। इस बार भी प्रशासन ने यात्रा मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काम शुरू कर दिया है। हेलीकॉप्टर सेवा और पोनी-पालकी सेवाओं की बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में विश्राम स्थलों और चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। सड़कों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।

पिछले साल की यात्रा का रिकॉर्ड

पिछले वर्षों में केदारनाथ धाम की यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। प्रशासन हर साल भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के इंतजामों को और मजबूत करता रहा है। इस बार भी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और सरल बनाने की योजना है।

भक्तों के लिए जरूरी जानकारी

केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी आवश्यक होता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यात्रियों को शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी है।

हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से केदारनाथ के लिए नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। दिल्ली से भी सीधी बस सेवाएं संचालित होती हैं।

चारधाम यात्रा का महत्व

केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — ये चार धाम हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इन धामों की यात्रा करते हैं। केदारनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

22 अप्रैल को कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन का सीजन शुरू हो जाएगा। राज्य की अर्थव्यवस्था में चारधाम यात्रा का बड़ा योगदान रहता है। स्थानीय होटल, ढाबे और दुकानदार भी तैयारियों में जुट गए हैं।