इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में सवा लाख लड्डुओं का महाभोग, तिल चतुर्थी मेले का भव्य शुभारंभ

इंदौर के सुप्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में माघ माह की तिल चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर भक्त मंडल की ओर से भगवान गणपति को सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पवित्र ध्वजा पूजन संपन्न हुआ, जिसके साथ ही मंदिर परिसर में तीन दिवसीय पारंपरिक मेले का भी शुभारंभ हो गया है।


मंदिर के पुजारियों पं. अशोक भट्ट, पं. जयपाल, पं. आधार और पं. धर्मेन्द्र भट्ट ने वैदिक मंत्रों के बीच बप्पा के दरबार में इन लड्डुओं को समर्पित किया। इस अवसर पर भगवान गणेश और उनके परिवार को विशेष स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत किया गया, जिससे उनकी छटा देखते ही बन रही थी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया प्रसाद वितरण
महाभोग अर्पण के बाद प्रसाद वितरण की विधिवत शुरुआत की गई। इस मौके पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त एवं मंदिर समिति के प्रशासक क्षितिज सिंघल और मंदिर के महाप्रबंधक राकेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खजराना गणेश को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया।
72 घंटे की मेहनत से तैयार हुआ महाभोग
भगवान गणेश को अर्पित किए गए सवा लाख लड्डुओं को तैयार करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में ही खेमजी महाराज हलवाई के नेतृत्व में 40 रसोइयों की एक टीम ने लगातार 72 घंटे काम कर इन लड्डुओं का निर्माण किया।
लड्डुओं की शुद्धता का पूरा ध्यान रखा गया। इनके निर्माण में 1250 किलो तिल्ली, 550 किलो सिंकी हुई मूंगफली और 1050 किलो देसी गुड़ का उपयोग किया गया। भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच और पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार के अनुसार, महाभोग से पहले ध्वजा पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया था।
तीन दिनों तक लगेगा विशेष भोग
तिल चतुर्थी उत्सव के तहत खजराना गणेश को अलग-अलग प्रकार के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। आज तिल-गुड़ के लड्डुओं के बाद, 7 जनवरी को भगवान को गोंद के लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। प्रसाद वितरण व्यवस्था में मंदिर प्रबंधक घनश्याम शुक्ला और गौरीशंकर मिश्रा के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में वालंटियर्स और श्रद्धालुओं ने सहयोग दिया।
चंद्रोदय और चतुर्थी का मुहूर्त
तिल चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन और पूजन के बाद ही पूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार, आज चंद्रोदय रात्रि 9 बजकर 4 मिनट पर होगा। चतुर्थी तिथि आज सुबह 8:20 बजे शुरू हुई थी और यह 7 जनवरी को सुबह 6:53 बजे तक रहेगी। विशेष बात यह है कि आज पूरे दिन ‘सर्वार्थसिद्धि योग’ बना हुआ है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।