स्वतंत्र समय, भोपाल
विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक ( MLA ) राजेंद्र कुमार सिंह ने बिजली के झूलते तारों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में बिजली के तार हाथ से पकड़ लेने की स्थिति में रहते हैं। इस कारण दुर्घटनाएं होती हैं। बिजली कंपनी के अधिकारी एक आदमी का बिल जमा नहीं करने पर पूरे ट्रांसफॉर्मर की बिजली काट देते हैं। यह व्यवस्था गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए। तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने बिजली बिल जमा नहीं होने पर की जाने वाली कुर्की की र्कारवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों से बाइक, साइकिल और अन्य सामान उठा लिए जाते हैं। इसके बाद भारी-भरकम बिल दिया जाता है। इसे लेकर सदन में सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि 2003 में और बुरी स्थिति थी।
कुंभकर्ण बनकर सड़क पर लेटे MLA
महिदपुर से कांग्रेस विधायक ( MLA ) दिनेश जैन बोस कुंभकर्ण के गेटअप में विधानसभा पहुंचे। उन्होंने सडक़ पर लेटकर सरकार पर परिवहन घोटाले, बेरोजगारी औ किसानों के मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के विधायकों ने पुंगी बजाकर उन्हें उठाने की कोशिश की। इस प्रदर्शन पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- कांग्रेस फोटो खिंचाने के लिए प्रदर्शन कर रही है। विधानसभा में जनता की समस्याओं के बारे में चर्चा होनी चाहिए। हम इसके लिए हर समय तैयार हैं।
कांग्रेस विधायक जंडेल का शीर्षासन
सदन में पीएचई विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने अपने वक्तव्य के दौरान कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार ने कोई बजट नहीं दिया है। इससे मुझे बड़ा असंतोष है। मैं पहले संत था। मुझे राजनीति नहीं आती, इसलिए मैं फिर संत बन जाऊंगा। उन्होंने जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद अपना वक्तव्य बंद कर नाराज बाबू जंडेल ने सदन में शीर्षासन किया।
419 करोड़ के घोटाले की हो जांच
कांग्रेस विधायक मधु भगत ने आरोप लगाया कि मैंने परसवाड़ा में 2017 से 2021 तक सडक़ों की स्थिति की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में केंद्र की 10 सडक़ों की जानकारी दी गई। मैंने प्रदेश की जानकारी मांगी थी। इसकी जांच होनी चाहिए और जो अधिकारी गुमराह कर रहा उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। डामर खरीदी में 419 करोड़ के घोटाले की जांच होनी चाहिए। स्पीकर तोमर ने कहा कि प्रश्न को लेकर कोई भ्रम है तो सेक्रेटेरिएट में आकर देख सकते हैं।
कटारे ने पूर्व मुख्य सचिव को घेरा
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सदन में तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस के भ्रष्टाचार के मामले को लेकर आक्रामक नजर आए। उन्होंने बैस को मप्र में हुए भ्रष्टाचार का सरगना बताया और सदन में दिए गए अपने वक्तव्य को अपनी फेसबुक पर शेयर किया है। कटारे ने आजीविका मिशन में हुए भ्रष्टाचार का उल्लेख भी किया। कटारे ने आरोप लगाया कि 2017 में विभागीय मंत्री को बायपास कर नियुक्तिया दी गई। क्यों कि अफसरों की पकड़ सीधे हाईकमान से थी।