मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार सुबह बोत्सवाना से 9 नए चीतों का आगमन हुआ। अधिकारियों के अनुसार इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। इन्हें पहले विमान से ग्वालियर लाया गया और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए सुबह करीब 9:30 बजे कूनो पहुंचाया गया। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव इनके विशेष बाड़े में छोड़े जाने की प्रक्रिया में शामिल होंगे।
इस खेप को लेकर पहले 8 चीतों के आने की जानकारी सामने आई थी, जिसमें 6 मादा और 2 नर शामिल बताए गए थे। हालांकि शुक्रवार को बोत्सवाना से भारत के लिए कुल 9 चीते रवाना किए गए। शनिवार को इनके सुरक्षित पहुंचने के साथ कूनो में चीता प्रबंधन का नया चरण शुरू हो गया है।
गामिनी के चार शावक अब निगरानी में
चीतों के नए आगमन के बीच कूनो से प्रजनन संबंधी महत्वपूर्ण अपडेट भी आया है। मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पुष्टि की कि 18 फरवरी को जन्मा चौथा शावक भी अब फील्ड स्टाफ को दिखाई दे गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि घनी झाड़ियों के कारण चौथा शावक पहले नजर नहीं आया था।
अधिकारियों के अनुसार गामिनी के चारों शावक स्वस्थ हैं और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह विकास कूनो में चीतों की स्थिर आबादी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, क्योंकि अब फोकस सिर्फ पुनर्वास पर नहीं, बल्कि प्रजनन और शावक संरक्षण पर भी है।
कूनो और देश का ताजा आंकड़ा
नए 9 चीतों के जुड़ने और गामिनी के चौथे शावक के रिकॉर्ड में आने के बाद कूनो नेशनल पार्क में कुल संख्या 45 हो गई है। इसी के साथ देश में चीतों की कुल संख्या 48 तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
मादा चीता ज्वाला के गर्भवती होने की जानकारी भी सामने आई है। यदि ज्वाला से शावक जन्म लेते हैं, तो देश में चीतों की संख्या 50 के पार जा सकती है। वन विभाग इस संभावना को ध्यान में रखकर प्रबंधन और निगरानी की तैयारी बढ़ा रहा है।
आगमन से पहले प्रशासनिक तैयारियां पूरी
चीतों के आगमन कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने सुरक्षा और संचालन की तैयारियां पूरी कर ली थीं। चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार ने हेलीपेड और बाड़ों का निरीक्षण किया। ट्रांजिट से लेकर बाड़े तक चीतों की मूवमेंट के लिए समन्वित व्यवस्था की गई थी, ताकि प्रक्रिया बिना बाधा पूरी हो सके।
राज्य स्तर पर भी कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि मुख्य फोकस चीतों को सुरक्षित तरीके से विशेष बाड़े तक पहुंचाने और उनके स्वास्थ्य मूल्यांकन पर रखा गया।
कूनो में अब प्रबंधन का अगला चरण नए चीतों की अनुकूलन अवधि, व्यवहार निगरानी और चरणबद्ध रिहाई पर केंद्रित रहेगा। वन अधिकारी नियमित फील्ड इनपुट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे, ताकि आवास, शिकार उपलब्धता और आपसी अनुकूलन के बीच संतुलन बना रहे।