जमीन Acquisition का मुद्दा सदन में उठाना मालवीय को महंगा पड़ा

स्वतंत्र समय, भोपाल/उज्जैन

सिंहस्थ-2028 के लिए सरकार उज्जैन में अखाड़ों के लिए स्थायी निर्माण कराने करीब 200 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित ( Acquisition ) करना चाहती है। पिछले दिनों सदन में जमीन अधिग्रहण को लेकर आलोट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा था। इसके बाद भाजपा ने रविवार को विधायक मालवीय को शोकॉज नोटिस थमाते हुए 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है।

Acquisition को लेकर सरकार के खिलाफ

चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीनों की स्थायी अधिग्रहण ( Acquisition ) को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। क्योंकि अभी तक जितने भी सिंहस्थ उज्जैन में हुए हैं, उनमें साधुओं के अखाड़ों के लिए अस्थायी निर्माण करने जमीन आवंटित होती रही है। लेकिन इस बार मोहन सरकार 13 अखाड़ों के साधु-संतों के लिए स्थायी निर्माण करवाने के लिए जमीन का अधिग्रहण करने जा रही है, जिसके खिलाफ भाजपा के ही विधायक मुखर हैं। अब मामला पार्टी संगठन के पास पहुंच गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की तरफ से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि चिंतामणि मालवीय के ताजा बयानों और कृत्यों की वजह से पार्टी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। चिंतामणि मालवीय को 7 दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया है।

दो खेमों में बंटे भाजपा के विधायक

विधायक चिंतामणि मालवीय ने पिछले दिनों सदन में कहा था कि, मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने 2 हजार करोड़ रुपए उज्जैन सिंहस्थ के लिए रखे हैं, उज्जैन उन पर अभिमान करता है। उज्जैन उनको अपना नेता मानता है, लेकिन आज उज्जैन का किसान बहुत डरा और परेशान है। क्योंकि सिंहस्थ के नाम पर उसकी जमीन पहले केवल 3-6 महीनों के लिए अधिग्रहित की जाती थी, लेकिन आज उन्हें स्थायी अधिग्रहण का नोटिस दिया गया है। पता नहीं किस अधिकारी ने यह विचार रखा है। वहीं, सदन में भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने जमीन अधिग्रहण का समर्थन किया था। इससे लगता है कि उज्जैन में भाजपा के विधायक दो खेमों में बंट गए हैं।
उज्जैन में भाजपा विधायक का पुतला जलाया
जमीन अधिग्रहण के मामले में एक अन्य भाजपा विधायक से किसान नाराज हो गए हैं। उन्होंने भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा का विरोध किया है। किसानों ने रविवार को विधायक जैन के विरोध में जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा किसानों की जमीन अधिग्रहण का समर्थन कर रहे हैं। इससे किसान उनसे नाराज हैं। भूमि अधिग्रहण को लेकर एक तरफ अफसर जहां किसानों को समझाइश दे रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ नाराज किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। अफसरों ने शनिवार को किसानों के साथ बैठक ली, जिसके बाद कुछ किसानों ने विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा का कार्तिक मेला प्रांगण में पुतला जला दिया। गुस्साए किसान विधायक पर दलाल होने का आरोप लगा रहे थे क्योंकि उन्होंने विधानसभा में इसे लेकर भाषण दिया है। हालांकि विधायक का पुतला किसने जलाया, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई। महाकाल थाने के टीआइ नरेंद्र परिहार ने कहा कि हमें नहीं पता किसका पुतला फूंका है। घटना की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी है। फिलहाल इस संबंध में किसी पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।