डायमंड कॉलोनी, 500 करोड़ की जमीन विवाद में भूमाफिया प्रतीक संघवी से पूछताछ

इंदौर। डायमंड कॉलोनी, 500 करोड़ की जमीन विवाद में कनाडिया पुलिस ने मशहूर बिल्डर प्रतीक संघवी को थाने लाकर  पूछताछ शुरु कर दी है।  डीसीपी जोन-2 अमन सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है। रविवार 21 जून की रात को 500 करोड़ की डायमंड कॉलोनी की जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसमें दो पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। पहले तो कनाड़िया थाना प्रभारी ने मामला दबाने का प्रयास किया। लेकिन अब इस मामले में जाने-माने बिल्डर प्रतीक संघवी से पुलिस पुछताछ कर रही है। संयम इंफ्रा कंपनी के डायरेक्ट प्रतीक संघवी से अब कनाडिया पुलिस थाने में पूछताछ कर रही है।दरअसल, संयम इंफ्रा कंपनी की जमीन पर कुछ लोगों के बीच झगड़ा हो गया था और देखते ही देखते पथराव शुरु हो गया था। पुलिस ने इस मामले में पहले तो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके चार आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया था। इनके नाम मोहसिन अली, मोहम्मद अफजल, दर्शन कृष्णारे और सुरेश वर्मा हैं। इन सभी पर पुलिस ने सरकारी काम में रुकावट डालने और मारपीट करने जैसी कई गंभीर धाराएं लगाई हैं।
प्रतीक को बचाने के लिए भोपाल तक घनघनाए फोन
सूत्रों के अनुसार प्रतीक को बचाने के लिए उनके चाचा और भाजपा नेता पंकज संघवी ने पुलिस अधिकारियों से बात भी की थी, उसके बाद भोपाल तक फोन घनघनाए गए है।  लेकिन फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है बताया जा रहा है कि अब बड़े पुलिस अधिकारी प्रतीक से पूछताछ करेंगे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पूरे मामले में प्रतीक का क्या रोल था। यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।  जमीन पर कब्जा जमाने या उसकी रक्षा करने के लिए पथराव करने वाले मोहसिन और बाकी लोगों को वहां किसने तैनात किया था। यह मारपीट किसके इशारे पर हुई थी। ऐसी तमाम बाते जानने का प्रयास पुलिस कर रही है। लेकिन यदि पहले ही कोई सेटिंग हो जाती है तो पुलिस को हाथ खींचने पड़ सकते है।

विवाद मेंं पुलिसकर्मी हुए थे घायल
डायमंड कॉलोनी में हुए विवाद के दौरान मोहसिन और उसके साथियों ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी नशे में थे। नशे की हालत में उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक आशीष शर्मा को आठ टांके आए है। पुलिसकर्मी विजय सिकरवार को 16 टांके लगे। दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आई है। यह पूरी घटना रविवार रात कनाडिया थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिसकर्मियों पर हमला होने के बावजूद शुरुआत में यह मामला दबाने का प्रयास किया गया था कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने मामला दबा दिया था। इस दबाव के पीछे जमीन विवाद से जुड़े बड़े नाम बताए जा रहे हैं।

500 करोड़ की जमीन विवाद की पूरी कहानी
वर्तमान में जमीन 500 करोड़ रुपए की बताई जा रही है। इसे लेकर कई पक्षों के बीच कब्जे का विवाद चल रहा है। डायमंड कॉलोनी में कई प्लॉट मालिक अपनी जमीन पर कब्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूमाफियाओं ने इस जमीन को कब्जे में रखने के लिए स्थानीय गुंडों का सहारा लिया है। मोहसिन अली जैसे लोगों को इसी काम के लिए रखा गया था। उनका काम जमीन पर किसी और को कब्जा करने से रोकना था। यही वजह है कि जब असली मालिक अपनी जमीन पर पहुंचे तो उन्हें पीटा गया। पुलिस के पहुंचने पर भी आरोपियों ने हमला जारी रखा।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
डायमंड कॉलोनी के  विवाद में  प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। शुरुआत में कोशिश की गई थी कि मामले को दबा दिया जाए। जिसके चलते हमला होने के बावजूद भी कोई तुरंत कार्रवाई नहीं की गई थी। यह बात प्रशासनिक लापरवाही की तरफ इशारा करती है।