स्वतंत्र समय, भोपाल
प्रदेश में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा नंबर हासिल करने वाले 89 हजार 710 स्टूडेंट्स को लैपटॉप ( laptop ) मिले हैं। सीएम ने कहा-आज का समय इलेक्ट्रॉनिक्स, गूगल और नवाचार का है। इजराइल ने तमाम कठिनाइयों के बीच तकनीक के बल पर समाधान निकाले। वहां मोबाइल और टेलीपेजर जैसी तकनीक का उपयोग कर बम भी बनाए गए। हालांकि, मैं यह नहीं कहूंगा कि आप ऐसा करें। ध्यान रखें कि इजराइल ने तकनीक के माध्यम से अपने सभी संकटों का समाधान खोजा। आप भी ऐसा ही करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात शुक्रवार को भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में नरसिंहपुर की गीता लोधी को पहला लैपटॉप सौंपते हुए कहीं। बाकी स्टूडेंट्स के बैंक खातों में 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की।
laptop देते हुए सीएम ने पूछा… नेता नहीं बनना चाहती हो?
उन्होंने कहा- मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप ( laptop ) प्रदान करने से उनकी प्रतिभा निखरेगी, जिससे प्रदेश के उज्जवल भविष्य की संभावनाएं अधिक सशक्त होंगी। उन्होंने लैपटॉप लेने के लिए 224 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान सीएम ने स्टूडेंट्स से बातचीत भी की। 98 प्रतिशत अंक पाने वाली नरसिंहपुर के निजी स्कूल की गीता लोधी ने कहा- आज की दुनिया में इंटरनेट बहुत जरूरी है। ये लैपटॉप पढ़ाई में बहुत हेल्प करेगा। गीता बोली- यह मेरे परिवार का पहला लैपटॉप है। मेरे बड़े भैया मैनिट से इंजीनियरिंग कर रहे हैं। उनके पास लैपटॉप नहीं है। इस पर सीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा- दोनों भाई बहन लैपटॉप शेयर कर लेना। लडऩा मत। सीएम ने कहा- काग चेष्टा सबके जीवन में जरूरी है। काग चेष्टा, वको ध्यानम..इस श्लोक में संशोधन की जरूरत है। इसमें विद्यार्थी की जगह नेता-अधिकारी होना चाहिए।
दमोह की मोनिका साहू ने कहा- मैंने प्रदेश में 5वां रैंक हासिल किया है। मैं आईएएस बनना चाहती हूं। इस पर सीएम बोले- नेता नहीं बनना चाहती हो? तो सभी स्टूडेंट मुस्कुराने लगे। भोपाल के स्टूडेंट प्रशांत राजपूत ने कहा- मेरे पिताजी की बंसल अस्पताल के सामने चाय की दुकान है। माताजी गृहिणी हैं। लैपटॉप मिलने के बाद मैं अपनी पढ़ाई अच्छे से कर पाऊंगा। वहीं, मुरैना की स्नेहा त्यागी बोली-अब यूपीएससी की तैयारी करनी है। लैपटॉप से काफी मदद मिलेगी। सीएम ने पूछा- हमें कब से जानती हो? तो स्नेहा बोली- एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में आपके हाथों 50 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिली थी।
स्टूडेंट बोले… विश्वास था, लैपटॉप मिलेगा
वहीं, जय जाट ने कहा- लैपटॉप के लिए थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ा लेकिन मुझे विश्वास था कि ये जरूर मिलेगा। मेरे पिताजी पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। मैं इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी बनना चाहता हूं। भोपाल के पुष्पेंद्र राजपूत बोले- मेरे पास लैपटॉप नहीं था तो मैंने इसे खरीद लिया। अब पैसे आ जाएंगे तो चुका दूंगा।
तकनीक के बल पर संकटों का समाधान निकालें
सीएम यादव ने कहा- आज का समय इलेक्ट्रॉनिक्स, गूगल और नवाचार का है। इजराइल ने तमाम कठिनाइयों के बीच तकनीक के बल पर समाधान निकाले। वहां मोबाइल और टेलीपेजर जैसी तकनीक का उपयोग कर बम भी बनाए गए। हालांकि, मैं यह नहीं कहूंगा कि आप ऐसा करें। ध्यान रखें कि इजराइल ने तकनीक के माध्यम से अपने सभी संकटों का समाधान खोजा। आप भी ऐसा ही करें।