लोकसभा संसद में घमासान: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और ‘नरेंदर-सरेंडर’ के नारों से गूंजा सदन

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन लोकसभा में भारी गतिरोध देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ‘नरेंदर-सरेंडर’ के नारे लगाए।

विपक्ष ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का भारत पर प्रभाव और घरेलू बाजार में गैस-पेट्रोल की कीमतों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

अविश्वास प्रस्ताव और पक्षपात के आरोप

आज का मुख्य केंद्र बिंदु लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपात करते हैं।

  • विपक्ष का तर्क: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया और उन्हें बार-बार रूलिंग बुक का हवाला देकर बाधित किया गया।

  • सरकार का रुख: संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखकर चले जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते।

प्रमुख बिंदु और आज का एजेंडा

विषय

विवरण

अमित शाह का संबोधन

आज केंद्रीय गृह मंत्री सदन को संबोधित कर सरकार का पक्ष रखेंगे।

चर्चा का समय

प्रस्ताव पर कुल 10 घंटे तय थे, जिसमें से 7 घंटे की बहस मंगलवार को हो चुकी है।

महंगाई और विदेश नीति

आरजेडी सांसद मनोज झा ने एलपीजी की कमी और विदेश नीति पर सरकार की ‘अस्पष्टता’ पर सवाल उठाए।

विपक्ष का स्पष्ट आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सरकार का नियंत्रण बढ़ रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की हताशा बता रहा है। आज गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे सदन में टकराव और बढ़ने के आसार हैं।