निवेश पर टैक्स से राहत चाहते हैं? ऐसे 7 निवेश जिन पर नहीं लगता टैक्स

अक्सर लोगों को लगता है कि जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती है, वैसे-वैसे इनकम टैक्स का बोझ भी बढ़ता ही जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि आयकर कानून में कुछ ऐसे आय स्रोत और निवेश विकल्प शामिल हैं, जिनसे होने वाली कमाई पर सरकार कोई टैक्स नहीं लेती। सही जानकारी और समझदारी से की गई योजना के जरिए मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा जा सकता है।

कानून ने दी है कई आय को टैक्स-फ्री मान्यता

भारत के आयकर नियम कुछ खास प्रकार की आय को पूरी तरह कर-मुक्त मानते हैं। इसका लाभ सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि नौकरीपेशा लोगों, निवेशकों, माता-पिता और छात्रों तक को मिलता है। यदि इन विकल्पों को सही ढंग से समझकर अपनाया जाए, तो टैक्स प्लानिंग काफी आसान हो सकती है।

पार्टनरशिप फर्म से मिलने वाला लाभांश

यदि आप किसी पार्टनरशिप फर्म या एलएलपी में भागीदार हैं, तो वहां से मिलने वाला मुनाफे का हिस्सा आपकी व्यक्तिगत आय में टैक्स-फ्री होता है। इसका कारण यह है कि फर्म अपने स्तर पर पहले ही टैक्स चुका चुकी होती है। हालांकि ध्यान रखना जरूरी है कि फर्म से मिलने वाली सैलरी, ब्याज या रेम्युनरेशन आपकी टैक्सेबल इनकम मानी जाएगी।

लाइफ इंश्योरेंस से मिलने वाली रकम

लाइफ इंश्योरेंस केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि टैक्स बचाने का भी प्रभावी तरीका है। कुछ शर्तों के अंतर्गत इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पूरी तरह टैक्स-मुक्त होती है। यदि पॉलिसी लेते समय प्रीमियम और नियमों का ध्यान रखा जाए, तो इंश्योरेंस से प्राप्त रकम पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।

ग्रेच्युटी पर टैक्स में राहत

नौकरी से रिटायर होने या सेवा समाप्त होने पर मिलने वाली ग्रेच्युटी भी आयकर से छूट के दायरे में आती है। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली पूरी ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री होती है, जबकि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को निर्धारित सीमा तक कर में छूट मिलती है। यह लंबे समय तक सेवा देने का लाभ है, जिसे सरकार टैक्स-मुक्त रखती है।

PPF में निवेश का फायदा

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में गिना जाता है। इसमें निवेश की गई राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर प्राप्त रकम—तीनों ही पूरी तरह टैक्स-फ्री होती हैं। पुराने टैक्स सिस्टम में इसमें निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है, जिससे यह लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प बन जाता है।

सुकन्या समृद्धि योजना से टैक्स-फ्री रिटर्न

बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन विकल्प है। इस योजना में निवेश पर अच्छा ब्याज मिलता है और निवेश से लेकर ब्याज व मैच्योरिटी राशि तक सब कुछ टैक्स-मुक्त रहता है। इसी वजह से यह योजना माता-पिता के बीच काफी लोकप्रिय है।

पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप

शिक्षा के उद्देश्य से मिलने वाली स्कॉलरशिप पर भी कोई इनकम टैक्स नहीं लगता। चाहे स्कॉलरशिप सरकार दे, कोई निजी संस्था दे या विदेश से मिले, यदि उसका मकसद पढ़ाई है तो वह टैक्स-फ्री मानी जाती है। यही नियम कुछ शैक्षणिक पुरस्कारों पर भी लागू होता है।

कृषि से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स-मुक्त

भारत में खेती से होने वाली आमदनी को पूरी तरह टैक्स से बाहर रखा गया है। फसल बेचकर होने वाली कमाई, कृषि भूमि से मिलने वाला किराया और ग्रामीण कृषि भूमि की बिक्री से होने वाला लाभ—all टैक्स-फ्री हैं। हालांकि यह छूट केवल भारत की कृषि भूमि पर लागू होती है, विदेश में की गई खेती की आय पर टैक्स देना पड़ता है।

सही जानकारी से मजबूत टैक्स प्लानिंग

इनकम टैक्स से बचना कोई गैरकानूनी काम नहीं है, बल्कि सही जानकारी और समझदारी से विकल्प चुनने की प्रक्रिया है। यदि टैक्स-फ्री आय और निवेश के इन तरीकों को सही ढंग से अपनाया जाए, तो वित्तीय योजना मजबूत होती है और कमाई का बड़ा हिस्सा आपके पास ही रहता है।