मालवा-निमाड़ को नए उद्योगों, रोजगार और महंगाई से राहत की उम्मीद, सरकार पर टिकी निगाहें

इंदौर: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश करने की तैयारी में है। इस बजट को लेकर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और कृषि क्षेत्र, मालवा-निमाड़ की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। उद्योगपतियों से लेकर आम आदमी और युवाओं तक, हर वर्ग की निगाहें सरकार के आर्थिक फैसलों पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि यह बजट क्षेत्र में विकास, रोजगार और सुरक्षा की नई राह खोलेगा।

मालवा-निमाड़ को मध्य प्रदेश की आर्थिक रीढ़ माना जाता है। इंदौर, पीथमपुर और उज्जैन जैसे औद्योगिक केंद्रों वाला यह क्षेत्र राज्य के राजस्व में बड़ा योगदान देता है। इसलिए, यहां के कारोबारी और निवासी बजट में विशेष रियायतों और योजनाओं की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि औद्योगिक विकास की गति को और तेज किया जा सके।

उद्योग जगत को नीतिगत सुधारों का इंतजार

इस क्षेत्र के उद्योगपति लंबे समय से सरकार से नीतिगत समर्थन की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में बिजली की दरों में कमी, उद्योगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और व्यापार को सरल बनाने वाले कानून शामिल हैं। कारोबारियों का मानना है कि अगर सरकार नीतियां सरल करती है और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाती है, तो यहां नए उद्योग स्थापित होंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र को और विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान की जरूरत है। यहां सड़कों, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने के लिए आकर्षित हों।

युवाओं के लिए रोजगार, आम आदमी के लिए राहत

मालवा-निमाड़ में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है। युवाओं को उम्मीद है कि सरकार बजट में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए विशेष प्रावधान करेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पलायन पर रोक लगेगी।

वहीं, आम जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार बजट में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएगी। इसके अलावा, बेहतर सड़कें, पीने का साफ पानी और महिलाओं की सुरक्षा भी प्रमुख मांगों में शामिल है।

सुरक्षा और विकास साथ-साथ

औद्योगिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र में सुरक्षा का मुद्दा भी अहम है। नागरिक और व्यवसायी दोनों एक सुरक्षित माहौल चाहते हैं, जहां वे बिना किसी डर के काम कर सकें। लोगों की अपेक्षा है कि सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बजट में विशेष ध्यान देगी।

कुल मिलाकर, मालवा-निमाड़ की जनता और उद्योग जगत को इस बजट से चौतरफा विकास की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मोहन यादव सरकार इन उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।