मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है। ग्वालियर-चंबल, रीवा और बुंदेलखंड के जिलों में कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। राजधानी भोपाल में भी कोहरे की चादर बिछी हुई है और बादल डेरा डाले बैठे हैं।
आईएमडी के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की वजह से मौसम में यह बदलाव आया है। अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
30 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को मौसम साफ रहने की बात कही थी, लेकिन प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में कोहरे के साथ बादल छाए रहे। नया सिस्टम काफी मजबूत बताया जा रहा है। इसे देखते हुए ओले और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
1 फरवरी को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, सागर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर और रीवा में कोहरा, ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
आधे प्रदेश में कोहरे की चादर
गुरुवार सुबह आधे प्रदेश में कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल जिलों में घना कोहरा रहा।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने गुरुवार को कहीं भी बारिश होने का अलर्ट जारी नहीं किया था, लेकिन कई शहरों में हालात बारिश जैसे बने रहे। दिन में सर्द हवाओं ने ठिठुरन पैदा कर दी और शाम को कड़ाके की ठंड पड़ी।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
30 जनवरी को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में हल्का कोहरा छाने की संभावना है। बारिश का फिलहाल अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन-रात में ठंड का असर बढ़ सकता है।
31 जनवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में कोहरा और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद
दो दिन पहले प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, खंडवा, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज और धार समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।
उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन और अन्य जिलों में ओले गिरने से फसलें प्रभावित हुईं। खेतों में खड़ी गेहूं, चने और सरसों की फसलें आड़ी हो गईं। कृषि जानकारों का कहना है कि ओले-बारिश से सबसे ज्यादा चना, सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों का कहना है कि फसलें आड़ी होने से दाने पर असर पड़ेगा और उन्हें कम दाम मिलेंगे।
30 जनवरी से नया सिस्टम एक्टिव
उत्तर-पश्चिम भारत में नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव हो रहा है। एक-दो दिन बाद यह सिस्टम मध्य प्रदेश में भी असर दिखाएगा। मौसम विभाग के अनुसार फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का दौर रह सकता है।
तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट
बारिश और शीतलहर की वजह से मध्य प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने का अनुमान जाहिर किया है। इससे कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा।