मध्यप्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर जहां महीने के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ता है, वहीं इस बार पहले ही सप्ताह से पारा लगातार चढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार 11 मार्च को प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। रतलाम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मार्च में इतनी जल्दी तापमान का 40 डिग्री तक पहुंचना मौसम के बदले हुए रुख की ओर इशारा कर रहा है।
प्रदेश के बड़े शहरों में भी गर्मी का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। इंदौर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। इसी तरह नर्मदापुरम में तापमान 39.9 डिग्री तक पहुंच गया, जो 40 के बेहद करीब है। इसके अलावा धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है।
केवल बड़े शहर ही नहीं बल्कि कई अन्य जिलों में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर जैसे जिलों में भी दिन के समय तेज गर्मी महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के महीने में पहली बार इतने बड़े क्षेत्र में एक साथ तापमान इतना अधिक दर्ज किया गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में बढ़ती गर्मी के पीछे हवा की दिशा में आया बदलाव भी एक बड़ा कारण है। फिलहाल प्रदेश में उत्तर-पूर्व की जगह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं में नमी बहुत कम है और ये हवाएं राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं। यही वजह है कि ये अपने साथ गर्म और शुष्क वातावरण लेकर आ रही हैं, जिससे दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि तेज गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ राहत मिलने की संभावना भी जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन दिनों कुछ जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
14 मार्च को ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड जिलों में मौसम बदलने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं 15 मार्च को इसका प्रभाव और अधिक जिलों में देखने को मिल सकता है। इस दिन ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मार्च में गर्मी का ट्रेंड सामान्य से अलग नजर आ रहा है। पिछले लगभग दस वर्षों के आंकड़ों को देखें तो प्रदेश में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़नी शुरू होती थी, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि कई शहरों में मार्च के पहले पखवाड़े में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में यदि यही स्थिति बनी रहती है तो प्रदेश के कई इलाकों में तापमान और तेजी से बढ़ सकता है।