मध्यप्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से एमएसएमई विभाग द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का शुभारंभ रविवार को हुआ। समिट के पहले दिन का मुख्य फोकस इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को निवेश के लिए तैयार करने पर केंद्रित रहा। इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से स्टार्टअप्स, इन्क्यूबेटर्स, निवेशक और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े 500 से अधिक हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की।
इन्क्यूबेटर सस्टेनेबिलिटी पर मास्टर क्लास
समिट के पहले सत्र में “इन्क्यूबेटर सस्टेनेबिलिटी” विषय पर विशेष इन्क्यूबेटर मास्टर क्लास आयोजित की गई। इस सत्र में आईआईएम बैंगलोर के वैकुंठ प्रसाद एवीपी, इंडियन स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसाद मेनन, आईआईएम इंदौर के रणनीति एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर प्रशांत सलवान तथा आइडियाबैज़ के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक शगुन वाघ ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने प्रभावी इन्क्यूबेशन मॉडल, उद्योगों की भागीदारी, फंडिंग रणनीतियों और इन्क्यूबेटर्स की दीर्घकालिक स्थिरता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कृषि नवाचार और एग्री एफपीओ पर मंथन
समिट में “एग्री एफपीओ को स्टार्टअप के रूप में विकसित करना – वैल्यू चेन ट्रांसफॉर्मेशन” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस सत्र में किसान उत्पादक संगठनों को नवाचार आधारित और स्केलेबल उद्यमों में बदलने की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पैनल में आईएसईडी इंडिया के संस्थापक द्वारिका सिंह, कैस्पियन के इन्वेस्टमेंट डायरेक्टर एमानुएल मुर्रे, स्टेट हेड डेवलपमेंट सर्विसेज और यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर अनिल जोशी ने सहभागिता की। सत्र का संचालन रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मनीषा पांडे ने किया।
स्टार्टअप पिचिंग सेशन और निवेश अवसर
पहले दिन स्टार्टअप पिचिंग सेशन के अंतर्गत क्वालिफायर राउंड का आयोजन किया गया, जिसमें उभरते हुए स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार, उत्पाद और बिज़नेस मॉडल को विशेषज्ञ जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस सत्र का उद्देश्य स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें संभावित निवेश के अवसरों से जोड़ना रहा।
विचार-विमर्श के साथ हुआ पहले दिन का समापन
समिट के पहले दिन का समापन स्पीकर्स और निवेशकों के साथ संवाद और विचार-विमर्श के साथ हुआ। इस दौरान स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा भविष्य में निवेश की संभावनाओं को सशक्त करने पर जोर दिया गया। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का पहला दिन नवाचार, साझेदारी और स्टार्टअप विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।