Mahashivratri 2026: तड़के 2:30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के कपाट, जानें कितने समय तक मिलेंगे दर्शन और क्या रहेंगी विशेष व्यवस्थाएं

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर भव्य तैयारियां की गई हैं। इस बार मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कपाट सुबह 2:30 बजे से खोलने का फैसला किया है। सोमवार रात 11 बजे तक दर्शन जारी रहेंगे।

मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था

महाशिवरात्रि पर हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने इस बार दर्शन का समय काफी बढ़ा दिया है। भक्तों को सुबह ढाई बजे से ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था खासतौर पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी है।

रात 11 बजे तक दर्शन की सुविधा रहेगी ताकि दिनभर आने वाले भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

महाशिवरात्रि पर उज्जैन में हर साल भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना रहता है। इस बार प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी। दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी होगी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात रहेंगी। भक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

भक्तों के लिए अन्य सुविधाएं

मंदिर प्रशासन ने दर्शनार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। मंदिर के निकट अस्थायी विश्राम स्थल बनाए जाएंगे। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष लाइन की व्यवस्था होगी।

परिवहन विभाग ने भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो। रेलवे स्टेशन से मंदिर तक के मार्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

महाकालेश्वर मंदिर का महत्व

उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग माना जाता है। महाशिवरात्रि पर यहां भस्म आरती का विशेष आयोजन होता है जो श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।

हर साल महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में देशभर से लाखों भक्त पहुंचते हैं। इस पर्व को भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे अपने साथ न्यूनतम सामान लेकर आएं और मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।