मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन हुआ। ब्रह्म मुहूर्त में संतों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था।
ब्रह्म मुहूर्त में हुई विशेष पूजा
महाशिवरात्रि के अवसर पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही ओंकारेश्वर मंदिर में संतों और साधुओं का आगमन शुरू हो गया। संतों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा संपन्न की। मंदिर के पुजारियों ने भी विशेष अनुष्ठान किए।
फूलों से सजा मंदिर परिसर
इस पावन पर्व पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पूरे परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। गेंदे, गुलाब और अन्य फूलों से मंदिर का गर्भगृह और प्रांगण सुसज्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य को कैमरे में कैद किया।
भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाशिवरात्रि पर यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी भारी संख्या में भक्तों ने मंदिर में आकर भगवान शिव के दर्शन किए। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की थी।
ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के तट पर मांधाता द्वीप पर स्थित है। यह मध्य प्रदेश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दो ज्योतिर्लिंग एक ही स्थान पर विराजमान हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था
महाशिवरात्रि को देखते हुए प्रशासन ने ओंकारेश्वर में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी। भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और लाइन मैनेजमेंट की व्यवस्था भी की गई थी। दर्शन के लिए अलग-अलग समय स्लॉट निर्धारित किए गए थे ताकि भीड़ नियंत्रित रहे।
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ओंकारेश्वर जैसे पवित्र ज्योतिर्लिंग स्थल पर इस पर्व की भव्यता और भी बढ़ जाती है।