मालदीव के समंदर में बड़ा हादसा: रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की बोट पलटी, एयरलिफ्ट कर मुंबई लाए गए 

Male/Mumbai News: देश के दिग्गज उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में एक भीषण समुद्री हादसे का शिकार हो गए हैं। गुरुवार रात करीब 11 बजे मालदीव के फेलिधू एटोल (Felidhoo Atoll) के पास उनकी स्पीडबोट पलट गई।
हादसे में घायल सिंघानिया को तत्काल रेस्क्यू कर इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किया गया है। उनके प्रवक्ता के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
हालाकि, इस हादसे ने खेल और व्यापार जगत को तब स्तब्ध कर दिया जब यह खबर आई कि सिंघानिया के बेहद करीबी दोस्त और भारत के दिग्गज रैली ड्राइवर हरि सिंह अपने एक अन्य साथी के साथ अब भी लापता हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मालदीव कोस्ट गार्ड के मुताबिक, यह दुर्घटना तट से लगभग 2 नॉटिकल मील दूर हुई। उस वक्त स्पीडबोट पर कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें सिंघानिया समेत 5 भारतीय, एक ब्रिटिश और एक रूसी नागरिक शामिल थे। फेलिधू एटोल के पास अचानक बोट अनियंत्रित होकर पलट गई। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार लापता भारतीयों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन हादसे को काफी समय बीत जाने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
कौन हैं लापता हरि सिंह?
हरि सिंह भारतीय मोटरस्पोर्ट्स का एक ऐसा नाम हैं जिन्हें ‘द फ्लाइंग सिख’ कहा जाता है। वह न केवल गौतम सिंघानिया के सलाहकार थे, बल्कि उनके गहरे मित्र भी थे।
  • 5 बार के चैंपियन: हरि सिंह 1990 के दशक में लगातार 5 बार इंडियन नेशनल रैली चैंपियनशिप (INRC) जीत चुके हैं।
  • एशिया जोन विजेता: उन्होंने पहली एशिया जोन रैली चैंपियनशिप जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराया था।
  • प्रमुख भूमिकाएं: वह जेके टायर मोटरस्पोर्ट के ‘हेड ऑफ ऑपरेशंस’ और मर्सिडीज-बेंज इंडिया के चीफ इंस्ट्रक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
फेलिधू: जहाँ हुआ यह दर्दनाक हादसा
फेलिधू द्वीप मालदीव के वावु एटोल का प्रशासनिक केंद्र है, जो राजधानी माले से करीब 75 किमी दूर स्थित है। यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ‘फेलिधू कंदु’ (डाइविंग स्पॉट) के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ पर्यटक अक्सर शार्क और रंग-बिरंगी मछलियों को देखने आते हैं। इसी खूबसूरत पर्यटन स्थल के पास यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।
गौतम सिंघानिया: रफ्तार और विवादों का सफर
करीब 11 हजार करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले गौतम सिंघानिया केवल एक सफल बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के भी बड़े शौकीन हैं।
  • कारों का क्रेज: सिंघानिया के पास टेस्ला, लेम्बोर्गिनी, फेरारी और ऑडी जैसी दुनिया की बेहतरीन कारों का कलेक्शन है। उन्हें बचपन से ही रफ्तार का शौक था, जिसे देखते हुए उनके पिता ने उन्हें 18वें जन्मदिन पर ‘प्रीमियर पद्मिनी’ कार गिफ्ट की थी।
  • पारिवारिक विवाद: गौतम सिंघानिया पिछले कुछ समय से अपने पिता विजयपत सिंघानिया के साथ विवादों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उनके पिता ने उन पर घर (JK हाउस) से निकालने और संपत्ति हड़पने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा, उनकी निजी जिंदगी (नवाज मोदी के साथ तलाक) भी हाल के दिनों में सुर्खियों में रही है।
रेमंड: 1925 से अब तक का सफर
रेमंड भारत का एक ऐसा ब्रांड है जो ‘द कंप्लीट मैन’ (The Complete Man) टैगलाइन के साथ हर भारतीय घर में अपनी पहचान बना चुका है।
  1. शुरुआत: 1925 में ठाणे (महाराष्ट्र) में एक छोटी मिल के रूप में शुरू हुई यह कंपनी पहले ब्रिटिश सेना के लिए वर्दी बनाती थी।
  2. विस्तार: विजयपत सिंघानिया ने इसे आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया और छोटे शहरों तक पहुंचाया।
  3. आधुनिकीकरण: गौतम सिंघानिया ने कमान संभालने के बाद कंपनी को टेक्नोलॉजी और नए फैब्रिक डिजाइन्स के साथ ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी बनाया। आज रेमंड क्लॉथिंग के अलावा रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर केयर में भी बड़ा नाम है।
इस हादसे ने जहाँ सिंघानिया परिवार को मुश्किल में डाल दिया है, वहीं पूरे देश की नजरें लापता हरि सिंह की तलाश पर टिकी हैं। क्या वे सुरक्षित मिल पाएंगे? इस सवाल का जवाब अब मालदीव कोस्ट गार्ड के रेस्क्यू ऑपरेशन पर निर्भर है।