बड़वानी कैबिनेट बैठक से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: ‘3D फेम’ IPS पद्म विलोचन शुक्ला बने नए SP

Badwani News: मध्य प्रदेश सरकार ने बड़वानी जिले में होने वाली मोहन मंत्रिमंडल की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ बैठक से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव किया है।
1 मार्च 2026 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, 2016 बैच के अनुभवी IPS अधिकारी पद्म विलोचन शुक्ला को बड़वानी का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है।
प्रभारी व्यवस्था का हुआ अंत
सूत्रो के अनुसार बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने से बड़वानी जिला पुलिस प्रशासन प्रभारी व्यवस्था के भरोसे चल रहा था।
पूर्व एसपी जगदीश डाबर की सेवानिवृत्ति के बाद से जिले की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संभाल रहे थे। 2 मार्च को होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए, सरकार ने एक नियमित और अनुभवी अधिकारी की तैनाती को प्राथमिकता दी है।

कौन हैं नए SP पद्म विलोचन शुक्ला?
पद्म विलोचन शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर के एक सुलझे हुए और सक्रिय पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। उनके पास प्रशासनिक और फील्ड वर्क का व्यापक अनुभव है:
  • पूर्व पदस्थापना: बड़वानी आने से पहले वे रेल पुलिस इंदौर में एसपी के पद पर कार्यरत थे।
  • विविध अनुभव: उन्होंने राजधानी भोपाल में ट्रैफिक डिप्टी कमिश्नर और झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल जिले में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
  • विशेष पहचान: झाबुआ में उनके कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए नवाचारों ने उन्हें प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई।
झाबुआ का चर्चित ‘3D अभियान’
नए एसपी शुक्ला अपने सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं। झाबुआ में उन्होंने ‘3D अभियान’ की शुरुआत की थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस अभियान का उद्देश्य समाज की तीन प्रमुख बुराइयों पर अंकुश लगाना था:
  1. डीजे (DJ): तेज आवाज के प्रदूषण पर नियंत्रण।
  2. दारू (Liquor): शराबखोरी के खिलाफ जागरूकता।
  3. दहेज (Dowry): कुप्रथा के विरुद्ध सामाजिक लामबंदी।
उन्होंने बुजुर्गों और पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर इन बुराइयों के खिलाफ एक जन आंदोलन खड़ा किया था।
बड़वानी में चुनौतियां और उम्मीदें
बड़वानी जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती जिले में शुक्ला की नियुक्ति को काफी अहम माना जा रहा है। पदभार ग्रहण करते ही उनकी सबसे पहली और बड़ी चुनौती 2 मार्च की कैबिनेट बैठक का सफल और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, जिले में अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
नियमित एसपी की नियुक्ति से स्थानीय पुलिस बल में भी उत्साह देखा जा रहा है, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।