महाकाल मंदिर भस्मारती के नियमों में बड़ा बदलाव: अब ऑफलाइन परमिशन पूरी तरह बंद, शुरू हुई ‘तत्काल’ ऑनलाइन बुकिंग

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
अब भस्मारती के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगकर ऑफलाइन अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। मंदिर समिति ने 9 अप्रैल से ऑफलाइन परमिशन काउंटर को पूरी तरह बंद कर इसे ‘तत्काल बुकिंग’ के रूप में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है।
घंटों की लंबी कतारों से मिली मुक्ति
अब तक महाकाल मंदिर में रोजाना लगभग 1700 श्रद्धालुओं को भस्मारती की अनुमति दी जाती थी, जिसमें से 300 परमिशन ऑफलाइन माध्यम से मिलती थी। इसके लिए देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिन पहले काउंटर पर 5 से 6 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब श्रद्धालु अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे ही यह बुकिंग कर सकेंगे।
‘तत्काल’ और ‘नियमित’ बुकिंग के नए नियम
मंदिर समिति ने भस्मारती बुकिंग को दो श्रेणियों में विभाजित कर नए नियम लागू किए हैं:
1. तत्काल भस्मारती बुकिंग (एक दिन पहले):
  • प्रक्रिया: जिस दिन आरती में शामिल होना है, उससे ठीक एक दिन पहले सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन पोर्टल खुलेगा।
  • कोटा: प्रतिदिन केवल 300 दर्शनार्थियों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर यह सुविधा मिलेगी।
  • शुल्क: तत्काल कोटे के तहत प्रति श्रद्धालु ₹200 का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
  • वेबसाइट: बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर की जा सकेगी।
2. नियमित ऑनलाइन बुकिंग (एडवांस):
  • पहले नियमित बुकिंग की विंडो 3 महीने पहले खुलती थी, जिसे अब घटाकर 1 माह कर दिया गया है।
  • मई 2026 के लिए बुकिंग विंडो 21 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेगी।
  • इसके बाद हर महीने की 1 तारीख को अगले महीने की बुकिंग शुरू होगी (जैसे 1 मई से जून की बुकिंग)।
त्रिकाल आरती अब पूरी तरह ऑनलाइन
महाकाल मंदिर समिति ने केवल भस्मारती ही नहीं, बल्कि भगवान की तीनों प्रमुख आरतियों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ दिया है। संध्या और शयन आरती में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 19 फरवरी से इनके लिए भी ऑनलाइन स्लॉट शुरू किए गए हैं:
  • संध्या आरती: बुकिंग पोर्टल प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे खुलता है। प्रवेश का अंतिम समय शाम 6:00 बजे तक है। (शुल्क: ₹250)
  • शयन आरती: बुकिंग पोर्टल प्रतिदिन शाम 4:00 बजे खुलता है। प्रवेश का अंतिम समय रात 10:00 बजे तक है। (शुल्क: ₹250)
चलित दर्शन की निःशुल्क व्यवस्था: जो श्रद्धालु शुल्क देकर आरती की बुकिंग नहीं करा सकते, उनके लिए मंदिर समिति ने ‘चलित दर्शन’ (Moving Darshan) की व्यवस्था जारी रखी है। ऐसे भक्त कतार में लगकर आरती के दौरान चलते हुए भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
पारदर्शिता और सुगमता पर जोर
मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार, इस डिजिटल बदलाव का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। इससे न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को भी अपनी यात्रा प्लान करने में आसानी होगी। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को अब घंटों कतार में खड़े होने की मानसिक और शारीरिक थकान से राहत मिलेगी।
यदि आप भी बाबा महाकाल की दिव्य भस्मारती का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो अब एक दिन पहले सुबह 8 बजे वेबसाइट पर एक्टिव रहकर अपनी सीट सुरक्षित कर सकते हैं।