राज्य सरकार की मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और कृषि से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश के विकास को गति देना और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बड़वाह–धामनोद फोरलेन मार्ग को मिली बड़ी मंजूरी
बैठक में बड़वाह–धामनोद फोरलेन मार्ग के निर्माण और उन्नयन के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। लगभग 62.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण पक्के शोल्डर के साथ किया जाएगा। परियोजना के तहत 10 बायपास, 5 बड़े पुल, 23 मध्यम पुल, 12 वीओपी/एसवीओपी, 7 बड़े जंक्शन और 56 मध्यम जंक्शन बनाए जाएंगे। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत पूरी की जाएगी, जिससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 को पांच साल की निरंतरता
मंत्रि-परिषद ने सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह निर्णय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए लिया गया है। इस योजना के अंतर्गत पूरक पोषण आहार, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं से जुड़ी योजनाएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शामिल है। प्रदेश के सभी जिलों में हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से यह योजना संचालित की जाएगी।
विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के भवन निर्माण को हरी झंडी
बैठक में जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। इस चरण में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, कुलपति और कुलसचिव के आवास, बहुमंजिला स्टाफ क्वार्टर्स और कैंपस की बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाएं और मजबूत होंगी।
मौसम आधारित सुविधाओं को मिलेगा विस्तार
प्रदेश में कृषि को सशक्त बनाने के लिए तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत WINDS कार्यक्रम के अंतर्गत लागू की जाएगी।
किसानों को मिलेगा मौसम आधारित लाभ
स्वचालित मौसम केंद्रों और रेनगेज की स्थापना से उच्च गुणवत्ता वाले मौसम आंकड़े उपलब्ध होंगे। इससे फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और किसानों को मौसम आधारित सटीक जानकारी मिल सकेगी। सभी आंकड़े एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्र सरकार को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कृषि क्षेत्र में बेहतर योजना और निर्णय संभव हो पाएंगे।