रांची में अवैध गैस सिलेंडर कारोबार पर बड़ी छापेमारी, 200+ सिलेंडर जब्त

 रांची

झारखंड के रांची के चुटिया इलाके में गुरुवार रात जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें साईं कॉलोनी और पावर हाउस सारा कॉलोनी सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध गैस कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है.

जिला प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अभियान
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की टीम ने चुटिया पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान कुल 200 से अधिक सिलेंडर बरामद किए गए. जब्त सिलेंडरों में कॉमर्शियल सिलेंडर के अलावा उज्ज्वला योजना, इंडेन और भारत गैस कंपनी के घरेलू सिलेंडर भी शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, इन सिलेंडरों का उपयोग नियमों के खिलाफ किया जा रहा था. मौके पर मौजूद एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मो जफर हसनात ने बताया कि प्रशासन को अवैध भंडारण और गैस के काले कारोबार की गुप्त सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर पूरी योजना बनाकर छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही और हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की गई.

200 से अधिक सिलेंडर जब्त
छापेमारी के दौरान पावर हाउस सारा कॉलोनी स्थित एक परिसर से करीब 125 सिलेंडर बरामद किये गए. वहीं साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर से 75 से 80 सिलेंडर मिले. इसके अलावा साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर में खड़े एक छोटे हाथी वाहन से भी 20 से 22 सिलेंडर जब्त किए गए. इतना ही नहीं, एक आवासीय परिसर में छापेमारी के दौरान 50 से 60 कॉमर्शियल सिलेंडर भी पाए गए, जिन्हें नियमों के खिलाफ रखा गया था.

एसडीओ के नेतृत्व में चला अभियान
इस पूरे अभियान का नेतृत्व एसडीओ के निर्देशन में किया गया. सिटी डीएसपी रमन के अलावा चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं और कार्रवाई को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने हर स्थान पर जांच कर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए.

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध गैस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.