झटपट बने, स्वाद में लाजवाब, घर पर आसान तरीके से तैयार करें मूंगफली-तिल की बर्फी

मकर संक्रांति का पर्व देशभर में 14 जनवरी को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर तिल और मूंगफली से बनी मिठाइयों का विशेष महत्व होता है। इनमें तिल-मूंगफली की बर्फी एक लोकप्रिय विकल्प है, जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है।

तिल और मूंगफली में मौजूद पोषक तत्व सर्दियों में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट प्रदान करते हैं। मकर संक्रांति के दिन इनसे बनी मिठाइयां बनाने और बांटने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

सामग्री और तैयारी

बर्फी बनाने के लिए मुख्य सामग्री में सफेद तिल, भुनी हुई मूंगफली, चीनी, घी और थोड़ा सा इलायची पाउडर शामिल है। पहले तिल और मूंगफली को हल्का भून लिया जाता है, फिर उन्हें दरदरा पीसकर अलग रख दिया जाता है। एक कढ़ाही में घी और चीनी डालकर चाशनी तैयार की जाती है।

चाशनी में पिसा हुआ तिल और मूंगफली मिलाकर अच्छी तरह पकाया जाता है, ताकि मिश्रण गाढ़ा हो जाए। फिर इसे घी लगी थाली में फैलाकर ठंडा होने दिया जाता है। ठंडा होने पर मनचाहे आकार में काटकर परोसा जाता है।

त्योहार में महत्व

तिल-मूंगफली की बर्फी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि मकर संक्रांति के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भी जुड़ी है। उत्तर भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में इस दिन तिल से बनी मिठाइयों का वितरण शुभ माना जाता है।

बीते वर्षों में सोशल मीडिया पर कई लोग घर पर अलग-अलग तरह की तिल-मूंगफली बर्फी की रेसिपी साझा करते रहे हैं। यह मिठाई त्योहार के माहौल को और विशेष बना देती है।

स्वास्थ्य लाभ

तिल में कैल्शियम, आयरन और फाइबर होता है, जबकि मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। सर्दियों के मौसम में इनका सेवन शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने में मदद करता है।

त्योहार के साथ जुड़ी यह पारंपरिक मिठाई पीढ़ी दर पीढ़ी घरों में बनाई जाती रही है और आज भी इसका स्वाद लोगों को आकर्षित करता है।