प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली कई दवाएं कई दवाएं अमानक, स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत लगाया बैन

MP News : मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली कई दवाइयाँ मानक के अनुरूप नहीं पाई गई हैं। इन दवाओं की जांच के लिए प्रदेश में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन की तीन स्तरीय व्यवस्था है, लेकिन इसके बावजूद अस्पतालों में अमानक दवाइयों का मामला सामने आ रहा है। हाल ही में, एक ऐसे इंजेक्शन का खुलासा हुआ है, जो सर्जरी के दौरान या शरीर के किसी हिस्से को सुन्न करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यह इंजेक्शन भी अमानक पाया गया, जिसके बाद इस पर दो साल का बैन लगा दिया गया।

उज्जैन जिला अस्पताल में सर्जरी के दौरान ब्यूपीवैकेइन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन का असर न होने पर इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। यह इंजेक्शन लोकल एनेस्थीसिया के रूप में उपयोग किया जाता है, लेकिन जब यह मरीजों पर प्रभावी नहीं हुआ तो अस्पताल प्रशासन ने इसकी जांच की। जांच के बाद यह दवा अमानक पाई गई और इसके सप्लायर को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इस पर किए गए भुगतान को भी वापस ले लिया गया।

विटामिन-बी कॉम्पलेक्स और पैरासिटामोल सिरप भी अमानक

पिछले कुछ महीनों में दो और दवाइयां अमानक पाई गईं हैं। इनमें से एक है विटामिन-बी कॉम्पलेक्स की टेबलेट और दूसरी बच्चों को बुखार से राहत देने वाली पैरासिटामोल सिरप। यह दोनों दवाइयां भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाती थीं, लेकिन इनकी गुणवत्ता में कमी पाई गई। कोटेक हेल्थकेयर द्वारा सप्लाई किए गए विटामिन-बी कॉम्पलेक्स के बैच को भोपाल स्थित शासकीय ड्रग लेबोरेटरी में अमानक पाया गया। इसी तरह, सैमकेस कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए बच्चों के पैरासिटामोल ड्रॉप्स भी अमानक मिले।

पैसे की रिकवरी और ब्लैकलिस्टिंग

कोर्पोरेशन ने इन सभी अमानक दवाइयों के सप्लायर्स को कड़ी सजा देते हुए उन्हें दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके अलावा, जिन कंपनियों ने इन दवाइयों की आपूर्ति की थी, उन्हें पहले से किए गए भुगतान की रकम भी वापस जमा कराई गई है। इस प्रक्रिया के तहत, लगभग तीन लाख रुपये की राशि कंपनियों से वसूली गई है।

सेंट्रल लैब की जांच से हुआ खुलासा

इन दवाइयों की जांच सेंट्रल ड्रग लैबोरेटरी कोलकाता द्वारा की गई। यहां से प्राप्त रिपोर्ट में बताया गया कि रेडिएंट पेरेन्टेरल्स लिमिटेड वडोदरा द्वारा सप्लाई किए गए ब्यूपीवैकेइन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन के बैच (आई-7बी24004 और आई-7बी24005) अमानक पाए गए। इसके अलावा, कोटेक हेल्थकेयर और सैमकेस कंपनी द्वारा सप्लाई की गई अन्य दवाइयां भी जांच में अमानक निकलीं।