मार्च 2026 का महीना स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए छुट्टियों के लिहाज से अहम रहने वाला है। महीने की शुरुआत होली से होगी और अंत तक कई धार्मिक तथा क्षेत्रीय पर्वों के कारण शिक्षण संस्थानों में अलग-अलग दिनों में अवकाश रहेगा। इस दौरान कई राज्यों में बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं का दौर भी जारी रहेगा, इसलिए छुट्टियों की योजना बनाते समय आधिकारिक स्कूल कैलेंडर देखना जरूरी होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर 4 मार्च को रंगवाली होली के अवसर पर व्यापक अवकाश रहने की संभावना है। इसके बाद 19 मार्च को उगादी और गुड़ी पड़वा के कारण दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। महीने के तीसरे सप्ताह में ईद-उल-फितर की संभावित तारीख 21 मार्च बताई जा रही है, जबकि 26 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती पर भी कई राज्यों में अवकाश रहेगा।
शिक्षा सत्र के लिहाज से भी मार्च महत्वपूर्ण है। देश के कई हिस्सों में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं इसी महीने चलती हैं, वहीं कई स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं और सत्रांत गतिविधियां भी इसी अवधि में होती हैं। ऐसे में छुट्टियों के बीच तैयारी का संतुलन बनाए रखना छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए जरूरी रहेगा।
मार्च 2026: प्रमुख अवकाश की तारीखें
4 मार्च (बुधवार): होली (रंगवाली होली) के कारण अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
19 मार्च (गुरुवार): उगादी/गुड़ी पड़वा पर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में व्यापक छुट्टी रहेगी।
21 मार्च (शनिवार): ईद-उल-फितर की संभावित तारीख, अंतिम निर्णय चांद दिखने पर निर्भर होगा।
26 मार्च (गुरुवार): राम नवमी पर उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में शिक्षण संस्थान बंद रह सकते हैं।
31 मार्च (मंगलवार): महावीर जयंती पर राष्ट्रीय स्तर पर कई स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित होता है।
होली के आसपास कई जगह लंबा ब्रेक भी बन सकता है। 3 मार्च को होलिका दहन के कारण कुछ राज्यों में पहले से छुट्टी दी जाती है, जिससे 4 मार्च की होली के साथ लगातार अवकाश की स्थिति बनती है। जिन स्कूलों में साप्ताहिक अवकाश इसके करीब पड़ता है, वहां छात्रों को अतिरिक्त राहत मिल सकती है। हालांकि यह पूरी तरह स्थानीय शिक्षा विभाग और संस्थान के कैलेंडर पर निर्भर करेगा।
राज्यवार बदलाव: सभी जगह एक जैसा नहीं होगा शेड्यूल
मार्च की छुट्टियों को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देशभर में एक समान पैटर्न नहीं रहता। कुछ पर्व क्षेत्रीय होते हैं और केवल चुनिंदा राज्यों में मान्य अवकाश के रूप में लागू किए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर 3 मार्च को पश्चिम बंगाल और ओडिशा में डोल जात्रा मनाई जाती है, जबकि मणिपुर में याओसांग के कारण अवकाश देखा जाता है।
इसी तरह 19 मार्च का अवकाश भी पूरे देश में समान नहीं होगा। उगादी और गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्यों से जुड़ा पर्व है, इसलिए वहां स्कूल-कॉलेज बंद रहने की संभावना अधिक रहती है। दूसरी ओर अन्य राज्यों में यह सामान्य कार्यदिवस भी हो सकता है।
ईद-उल-फितर की तारीख हर साल चांद पर निर्भर करती है, इसलिए 21 मार्च को फिलहाल संभावित तिथि माना जा रहा है। कई स्कूल अंतिम सूचना उसी सप्ताह जारी करते हैं। अभिभावकों को यात्रा या पारिवारिक कार्यक्रम तय करने से पहले जिला प्रशासन, राज्य शिक्षा विभाग और स्कूल की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
राम नवमी और महावीर जयंती पर भी अवकाश की स्थिति स्थान के अनुसार बदलती है। कुछ राज्यों में पूर्ण अवकाश रहता है, कुछ जगह आंशिक अवकाश या केवल सरकारी संस्थानों में छुट्टी होती है। निजी स्कूलों और कॉलेजों के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए छात्रों को केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए।
शैक्षणिक दृष्टि से मार्च में छुट्टियां राहत जरूर देती हैं, लेकिन परीक्षा तैयारी में अंतराल भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि जिन दिनों संस्थान बंद हों, उन दिनों का अध्ययन कार्यक्रम पहले से तय कर लिया जाए। इससे त्योहारों में भागीदारी और पढ़ाई, दोनों संतुलित रह सकते हैं।
कुल मिलाकर मार्च 2026 में त्योहारों की वजह से कई महत्वपूर्ण अवकाश सामने हैं, लेकिन अंतिम और लागू सूची राज्य तथा संस्थान आधारित रहेगी। छात्रों और अभिभावकों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे अपने स्कूल या कॉलेज का अपडेटेड हॉलिडे कैलेंडर नियमित रूप से जांचते रहें और परीक्षा शेड्यूल के साथ तालमेल बनाकर योजना तैयार करें।