लोकसभा में भारी हंगामा: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 2 बार स्थगन के बाद बजट पर चर्चा शुरू

New Delhi: संसद के बजट सत्र के 10वें दिन मंगलवार को लोकसभा में अभूतपूर्व गहमागहमी देखने को मिली। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया है।

इस नोटिस पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के इस कड़े रुख और लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी, जिसके बाद आखिरकार दोपहर 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हो सकी।

हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल

सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारों के बीच चेयर पर मौजूद पीसी मोहन ने महज एक मिनट के भीतर सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति नहीं बदली और सदन को फिर से 2 बजे तक के लिए टालना पड़ा।

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से शांति की अपील करते हुए कहा, “बजट पर चर्चा होने दें, हंगामे से सबका नुकसान हो रहा है। इस तरह रोज की बाधा से विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।”

किताब विवाद पर राहुल गांधी का तीखा हमला

सदन के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर हमलावर दिखे। उन्होंने ‘बुक कॉन्ट्रोवर्सी’ पर टिप्पणी करते हुए कहा:

“या तो पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पब्लिशिंग हाउस ‘पेंगुइन’। मुझे पूरा विश्वास है कि नरवणे झूठ नहीं बोलेंगे।”

यह विवाद किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक होने से जुड़ा है। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है और उसका कोई भी हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR भी दर्ज की है।

दोपहर 2 बजे शुरू हुई चर्चा

दोपहर 2 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो स्पीकर ओम बिरला की जगह केपी तेनेट्टी चेयर पर बैठे। उन्होंने विपक्षी सांसद शशि थरूर को आम बजट पर चर्चा शुरू करने के लिए आमंत्रित किया। गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ की किताब लेकर सदन पहुंचे थे और विपक्ष इस बात पर अड़ा था कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दी जाए।