जयपुर
सोमवार को हुई मतगणना के दौरान कुछ बूथों की EVM में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके चलते इन बूथों के वोटों का रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। परिणाम अधूरे रहने की वजह से संबंधित निकायों में पार्षदों की अंतिम स्थिति भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर भी ब्रेक लग गया है। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम समेत चार नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि इन निकायों में 21 सितंबर को प्रस्तावित प्रमुख पदों के चुनाव अब नहीं होंगे। आयोग इन चुनावों के लिए नए सिरे से कार्यक्रम जारी करेगा।
EVM ने अटका दिया पूरा चुनावी गणित
दरअसल, सोमवार को हुई मतगणना के दौरान कुछ बूथों की EVM में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके चलते इन बूथों के वोटों का रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। परिणाम अधूरे रहने की वजह से संबंधित निकायों में पार्षदों की अंतिम स्थिति भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक जब तक सभी वार्डों के परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव कराना संभव नहीं है। यही वजह है कि आयोग ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के साथ सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित कर दिए हैं।
21 सितंबर को नहीं होगी मेयर-डिप्टी मेयर की वोटिंग
निकाय चुनाव के बाद सभी की नजरें अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर थीं। खासकर जयपुर में बहुमत के आंकड़े तक पहुंची बीजेपी के मेयर बनने की राह लगभग साफ मानी जा रही थी। लेकिन EVM में आई तकनीकी खराबी ने पूरा कार्यक्रम ही बदल दिया।
अब 21 सितंबर को इन निकायों में मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं होंगे। पहले अटके हुए वार्डों के परिणाम घोषित होंगे और उसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।
10 बूथों पर 16 सितंबर को फिर से मतदान
EVM की तकनीकी खराबी के कारण जिन बूथों पर परिणाम अटके हैं, वहां अब दोबारा मतदान कराया जाएगा। आयोग ने चारों निकायों के कुल 10 बूथों पर 16 सितंबर को रिपोलिंग कराने के आदेश दिए हैं।
इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। रिपोलिंग के बाद ही इन वार्डों का अंतिम परिणाम सामने आएगा और निकायों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
जयपुर के 5 बूथों पर दोबारा वोटिंग
जयपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा पांच बूथों पर रिपोलिंग होगी। इनमें वार्ड-9 का बूथ संख्या 111, वार्ड-18 का बूथ संख्या 235, वार्ड-25 का बूथ संख्या 343, वार्ड-34 के बूथ संख्या 477 और 484 शामिल हैं।
इन बूथों पर दोबारा मतदान होने के बाद संबंधित वार्डों के परिणाम जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही जयपुर नगर निगम की पूरी तस्वीर आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी।
जोधपुर और कोटा में भी EVM का पेच
जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 के बूथ संख्या 338 पर भी रिपोलिंग होगी। वहीं कोटा नगर निगम में तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। इनमें वार्ड-87 का बूथ 99, वार्ड-44 का बूथ 448 और वार्ड-11 का बूथ 576 शामिल हैं।
इसके अलावा सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 के बूथ संख्या 5 पर भी 16 सितंबर को फिर से मतदान होगा।
17 सितंबर को साफ होगी तस्वीर, फिर तय होगा मेयर का चुनाव
अब इन 10 बूथों के मतदाताओं को एक बार फिर मतदान करना होगा। 16 सितंबर को वोटिंग और 17 सितंबर को काउंटिंग के बाद अटके हुए परिणाम सामने आएंगे। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग सभी संबंधित निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नया कार्यक्रम घोषित करेगा।
यानी निकाय चुनाव का रिजल्ट आने के बाद जिस मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई थी, उस पर फिलहाल EVM की खराबी ने ब्रेक लगा दिया है। अब पहले 10 बूथों का फैसला होगा, फिर मेयर की कुर्सी का खेल शुरू होगा।