शनिवार को इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य मुलाकात की। इस भेंट के दौरान शहर के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मुलाकात का मकसद आगामी योजनाओं की गति तेज करना और इंदौर की प्रगति से जुड़े प्रस्तावों को सरकार तक पहुंचाना रहा।
कान्ह–सरस्वती नदी और अमृत-2 योजना पर चर्चा
महापौर ने मुख्यमंत्री के समक्ष कान्ह और सरस्वती नदी की विस्तृत रिपोर्ट रखी। इस दौरान उन्होंने बताया कि नदी शुद्धिकरण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी के साथ अमृत-2 योजना के तहत शहर की पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं की स्थिति पर भी जानकारी दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस योजना के तहत लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए राज्य सरकार का सहयोग मिले।
नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का मुद्दा उठा
बैठक में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि इस परियोजना से शहरवासियों को दीर्घकालिक रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस परियोजना के भूमिपूजन की तारीख तय की जाए और शीघ्र शुरुआत की जाए, ताकि नागरिकों को इसका लाभ समय पर मिल सके।
मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण
मुलाकात के दौरान महापौर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इंदौर आगमन पर विशेष आमंत्रण भी दिया। उन्होंने बताया कि इंदौर में सफाई मित्रों के सम्मान में एक भोज का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति न केवल नगर निगम के लिए गौरव की बात होगी बल्कि सफाई मित्रों के उत्साहवर्धन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
इंदौर विकास की योजनाओं पर विशेष ध्यान
महापौर ने बातचीत में यह भी उल्लेख किया कि इंदौर नगर निगम लगातार नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक, हर योजना को धरातल पर उतारने के लिए निगम कृतसंकल्प है। मुख्यमंत्री से हुई चर्चा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इंदौर के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।