Khandwa News : उत्तर प्रदेश के इटावा से घर छोड़कर भागे एक नाबालिग प्रेमी जोड़े का सफर मध्य प्रदेश के खंडवा में खत्म हो गया। दोनों का धर्म अलग होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए बेहद संवेदनशील था। यूपी पुलिस की तीन टीमें इनकी तलाश में जुटी थीं। आखिरकार, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दोनों को खंडवा स्टेशन पर पंजाब मेल ट्रेन से उतार लिया।
यह घटना 1 जनवरी की देर रात की है। दोनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, यह जोड़ा पिछले डेढ़ साल से प्रेम-प्रसंग में था और मुंबई भागने की फिराक में था।
पुलिस से बचने के लिए बार-बार बदली ट्रेन
नाबालिग प्रेमी जोड़ा पुलिस की पकड़ से बचने के लिए बेहद सतर्कता बरत रहा था। उन्हें इस बात का अंदाजा था कि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस कर सकती है। इसी डर से लड़की ने अपने एंड्रायड मोबाइल की सिम निकालकर तोड़ दी थी, जबकि लड़के ने अपना फोन पूरी तरह बंद रखा था।
इतना ही नहीं, उन्होंने एक ही ट्रेन से लंबा सफर करने के बजाय बार-बार ट्रेन बदलने की रणनीति अपनाई। वे इटावा से मुंबई के लिए निकले थे, लेकिन पहले ग्वालियर में उतर गए। वहां से दूसरी ट्रेन पकड़ी और बीना स्टेशन पर उतर गए। इसके बाद वे बीना से पंजाब मेल में सवार होकर मुंबई के लिए रवाना हुए, लेकिन खंडवा में पकड़े गए।
की-पैड मोबाइल और सीसीटीवी से मिली लोकेशन
पुलिस को चकमा देने की तमाम कोशिशों के बावजूद एक गलती उन पर भारी पड़ गई। लड़की के पास दो मोबाइल थे। उसने स्मार्टफोन की सिम तो तोड़ दी थी, लेकिन एक साधारण की-पैड मोबाइल उसके पास चालू हालत में था। इसी फोन से प्रेमी मुंबई में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के संपर्क में था।
यूपी पुलिस की सर्विलांस टीम ने इसी नंबर को ट्रैकिंग पर लगा रखा था, जिससे टावर लोकेशन मिल रही थी। इसके अलावा, बीना रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज ने यह पुष्टि कर दी कि वे पंजाब मेल में सवार हुए हैं। यह सूचना मिलते ही खंडवा आरपीएफ की टीम अलर्ट हो गई और ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही दोनों को दस्तयाब कर लिया।
31 दिसंबर को घर से भागे थे
जांच में सामने आया कि दोनों नाबालिग 31 दिसंबर को अपने घरों से निकले थे। उन्होंने नए साल की शुरुआत सफर में ही की। 1 जनवरी की रात करीब 2 बजे उन्हें खंडवा स्टेशन पर उतारा गया। रात ज्यादा होने के कारण लड़की को सुरक्षा की दृष्टि से ‘वन स्टॉप सेंटर’ में आश्रय दिया गया, जहां उसकी देखरेख की गई।
काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा
2 जनवरी को बाल कल्याण समिति ने दोनों नाबालिगों की काउंसलिंग की। समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा और अन्य सदस्यों ने उनसे विस्तार से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि दोनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं और मध्यमवर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। लड़की नौवीं कक्षा की छात्रा है, जबकि लड़का पढ़ाई छोड़कर फर्नीचर के कारोबार में लगा हुआ है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को पुलिस की मौजूदगी में उनके परिजनों को सौंप दिया गया।