मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर छात्रों के साथ तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रों से जबरन ब्लड और यूरिन सैंपल लिए जा रहे हैं और ‘जय बजरंगबली’ का नारा लगाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
यह मामला मंगलवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान उठाया गया। अटेर से विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि उन्हें VIT भोपाल के कई छात्रों और उनके अभिभावकों से शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों पर अनुचित दबाव बना रहा है और एक डर का माहौल पैदा कर रहा है।
बिना सहमति ब्लड-यूरिन सैंपल लेने का आरोप
विधायक कटारे ने सदन में कहा, “VIT विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के साथ प्रबंधन द्वारा अत्याचार किया जा रहा है। वहां छात्रों के ब्लड और यूरिन के सैंपल बिना उनकी सहमति के लिए जाते हैं। उनसे जबरदस्ती कंसेंट बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं।” उन्होंने इसे छात्रों के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया।
‘जय बजरंगबली’ बोलने पर 5000 रुपये का जुर्माना
हेमंत कटारे ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में धार्मिक स्वतंत्रता का भी हनन हो रहा है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया, “एक छात्र ने ‘जय बजरंगबली’ का नारा लगा दिया तो उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। यह प्रबंधन की तानाशाही को दर्शाता है।” उन्होंने इस तरह की कार्रवाइयों को अस्वीकार्य बताया।
“यह यूनिवर्सिटी है या कोई कंसंट्रेशन कैंप? वहां बच्चों को डराकर और धमकाकर रखा जा रहा है। प्रबंधन यूजीसी के नियमों का भी पालन नहीं कर रहा है।” — हेमंत कटारे, विधायक, कांग्रेस
सदन की कमेटी से जांच की मांग
इन गंभीर आरोपों के बाद विधायक हेमंत कटारे ने विधानसभा अध्यक्ष से मामले की जांच के लिए सदन की एक कमेटी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और छात्रों को न्याय मिल सके। उन्होंने विश्वविद्यालय को ‘कंसंट्रेशन कैंप’ की संज्ञा देते हुए कहा कि वहां का माहौल छात्रों के लिए बिल्कुल भी स्वस्थ नहीं है।
पहले भी विवादों में रहा है VIT भोपाल
यह पहली बार नहीं है जब VIT भोपाल विवादों में आया है। इससे पहले सितंबर 2023 में भी विश्वविद्यालय में छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था। उस समय छात्र हॉस्टल के समय, आउटिंग पास और अन्य प्रतिबंधों को लेकर नाराज थे। छात्रों का आरोप था कि प्रबंधन उनकी समस्याओं को नहीं सुन रहा है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। अब एक बार फिर विधानसभा में मामला उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं।